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साइबर ठगी मामले में Swiggy को झटका, बलरामपुर कोर्ट ने याचिका खारिज की

Published: Sat, 17 Oct 2026 07:58 PM (IST)

बलरामपुर सत्र न्यायाधीश ने साइबर ठगी की रकम स्विगी के खाते में पहुंचने के मामले में कंपनी की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है।

एआई जनरेटेड तस्वीर।

एआई जनरेटेड तस्वीर।

HighLights

  1. सत्र न्यायाधीश ने Swiggy की पुनरीक्षण याचिका खारिज की।

  2. साइबर ठगी की रकम स्विगी के खाते में पहुंची थी।

  3. निचली अदालत का धनराशि जारी करने का आदेश बरकरार।

जागरण संवाददाता, बलरामपुर। साइबर ठगी की रकम ऑनलाइन फूड डिलिवरी ऐप स्विगी के खाते में पहुंचने के मामले में कंपनी को राहत नहीं मिल सकी है। सत्र न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी ने कंपनी की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पांच अगस्त 2026 के आदेश को बरकरार रखा है।

बीते 28 मई को शशि प्रकाश सिंह ने नगर कोतवाली में साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार 26 मई को दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को ICICI बैंक से जुड़ा बताया। क्रेडिट कार्ड जारी करने के नाम पर बातचीत के दौरान शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर दूसरे नंबर पर फारवर्ड कर दिया गया।

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इसके बाद उनके एसबीआई क्रेडिट कार्ड से पांच लेनदेन में कुल 1,73,982 रुपये निकाल लिए गए। जांच के दौरान 34,870 रुपये एक्सिस बैंक के खाते में और 1,01,745 रुपये एसबीआई के खाते में समेत अलग-अलग खातों में रकम रोकी गई। मजिस्ट्रेट ने इस धनराशि को जारी और हस्तांतरित करने का आदेश दिया था। स्विगी ने पुनरीक्षण याचिका में कहा कि एसबीआइ का संबंधित खाता कंपनी के व्यावसायिक लेनदेन के लिए इस्तेमाल होता है।

खाताधारक को नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए बिना रकम ट्रांसफर करने का आदेश उचित नहीं था। कंपनी ने खाते से 1,01,745 रुपये के हस्तांतरण पर रोक लगाने की मांग की। सत्र न्यायाधीश ने निचली अदालत के आदेश में हस्तक्षेप का पर्याप्त आधार न पाते हुए पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है।

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