14 साल का इंतजार खत्म! बलिया में 1180 मीटर लंबा सरयू पुल तैयार, नवंबर तक ट्रेन परिचालन शुरू होने की उम्मीद
बलिया-छपरा रेलखंड पर बकुलहा और मांझी स्टेशनों के बीच 246 करोड़ रुपये की लागत से बना 1180 मीटर लंबा सरयू रेल पुल ट्रेनों के परिचालन के लिए तैयार है।

बलिया-छपरा रेलखंड पर बकुलहा और मांझी रेलवे स्टेशनों के बीच सरयू नदी पर बना बहुप्रतीक्षित रेल पुल। जागरण
HighLights
बलिया-छपरा रेलखंड पर 1180 मीटर लंबा सरयू पुल तैयार।
246 करोड़ की लागत से बना, सीआरएस मंजूरी प्रतीक्षित।
नवंबर अंत तक ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की संभावना।
जागरण संवाददाता, बलिया। बलिया-छपरा रेलखंड पर बकुलहा और मांझी रेलवे स्टेशनों के बीच सरयू नदी पर बना बहुप्रतीक्षित रेल पुल अब ट्रेनों के परिचालन के लिए तैयार है। करीब 246 करोड़ रुपये की लागत से बने 1180 मीटर लंबे पुल पर ट्रेनों के संचालन के लिए रेलवे को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की अनुमति का इंतजार है।
रेलवे को उम्मीद है कि नवंबर के अंत तक निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुल पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। इससे रेलखंड पर परिचालन सुचारु होने के साथ दोहरी लाइन का रास्ता भी साफ होगा।
2012 में शुरू हुआ था पुल का निर्माण
तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की मंजूरी के बाद वर्ष 2012 में पुल का निर्माण शुरू हुआ था। शुरुआत में इसकी लंबाई 1120 मीटर निर्धारित थी और 19 पाए बनाए गए थे। बाद में तकनीकी निरीक्षण के दौरान पुल की लंबाई 60 मीटर बढ़ाने का निर्देश दिया गया। इसके बाद दो अतिरिक्त पाए बनाए गए और लंबाई बढ़ाकर 1180 मीटर कर दी गई। इस बदलाव पर करीब 40 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च हुए।
गाइड बंध निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये मंजूर
पुल की सुरक्षा और नदी के कटाव के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर गाइड बंध बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। दोनों छोर पर 50-50 मीटर लंबे गाइड बंध बनाए जाने हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य करीब 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
सिंगल लाइन के कारण ट्रेनों को लग रहा अतिरिक्त समय
वर्तमान में औड़िहार से बकुलहा और मांझी से छपरा तक दोहरी रेल लाइन पर परिचालन हो रहा है। बकुलहा-मांझी के बीच नए पुल के चालू नहीं होने से इस हिस्से में सिंगल लाइन पर ट्रेनों को क्रॉसिंग के जरिए चलाया जाता है। इससे ट्रेनों को अतिरिक्त समय लगता है। नए पुल के चालू होने से इस बाधा को दूर करने में मदद मिलेगी।
सीआरएस की अनुमति के बाद शुरू होगा परिचालन
पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्त ने बताया कि पुल का निर्माण पूरा हो चुका है। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त को निरीक्षण के लिए पत्र भेजा गया है। निरीक्षण और आवश्यक अनुमति मिलने के बाद पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जाएगा। रेलवे को नवंबर के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
