श्रीराम वनगमन से लेकर राजगद्दी तक, 195 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला 10 अक्टूबर से शुरू
रसड़ा की 195 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामलीला 10 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होगी, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं। इस ...और पढ़ें

195 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला 10 अक्टूबर से शुरू ।
HighLights
रसड़ा की 195 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामलीला 10 अक्टूबर से शुरू।
रामलीला परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में, सुरक्षा पर विशेष ध्यान।
10 से 26 अक्टूबर तक विभिन्न रामलीला प्रसंगों का मंचन होगा।
जागरण संवाददाता, रसड़ा (बलिया)। 195 वर्ष पुरानी रसड़ा की ऐतिहासिक रामलीला 10 अक्टूबर से शुरू होकर 26 अक्टूबर तक चलेगी। रामलीला की तिथि नजदीक आते ही तैयारियां तेज हो गई हैं।
रामलीला परिसर में स्थापित विहंगम सीढ़ियां, अशोक वाटिका, लंका दरबार समेत अन्य भवनों की रंगाई-पुताई का कार्य अंतिम चरण में है। लाखों मेलार्थियों के पहुंचने को देखते हुए रामलीला कमेटी सुरक्षा, पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटी है। वहीं बड़ी व छोटी चर्खियों सहित मनोरंजन के अन्य साधनों को सजाने-संवारने में दुकानदार जुटे हुए हैं।
रामलीला कमेटी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 10 अक्टूबर को श्रीराम वनगमन, 11 को राम का गंगा पार जाना (घरनई), 12 को कोल-भिल मिलन, 13 को भरत मनावन, 14 को मुनि मिलन व जयंत का अंग-भंग, 15 को सूर्पणखा का नाक-कान काटना तथा खर-दूषण वध होगा। 16 को सीता हरण व जटायु मोक्ष, 17 को श्रीराम-शबरी मिलन, हनुमान से भेंट, बाली-सुग्रीव युद्ध, अक्षय कुमार वध व लंका दहन होगा।
18 अक्टूबर को राम-विभीषण संवाद, रामेश्वर स्थापना, रावण-अंगद संवाद व चार फाटक की लड़ाई होगी। 19 को कुंभकरण वध व अहिरावण वध, 20 को लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद वध व सुलोचना सती, 21 को रावण वध व विजयदशमी, 22 को विभीषण राजतिलक व सीता की अग्निपरीक्षा होगी। 23 अक्टूबर को महावीरी झंडा जुलूस व भरत मिलाप तथा 26 अक्टूबर को श्रीराम के राजगद्दी प्रसंग के साथ रामलीला का समापन होगा।
