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कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र का हुआ शुभारंभ, जंगल सफारी के लिए अभी 4 दिन करना होगा इंतजार

Published: Sun, 01 Nov 2026 08:16 PM (IST)

कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र का औपचारिक शुभारंभ हो गया है, हालांकि चक्रवात अर्णब के कारण हुई बारिश से जंगल सफारी ...और पढ़ें

कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र का शुभारंभ करते विधायक प्रतिनिधि आलोक जिंदल

कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र का शुभारंभ करते विधायक प्रतिनिधि आलोक जिंदल

HighLights

  1. कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र का औपचारिक शुभारंभ हुआ।

  2. चक्रवात अर्णब से कीचड़ के कारण सफारी 4 दिन टली।

  3. पर्यटक सोमवार से जंगल भ्रमण कर सकेंगे, सफारी बाद में।

संवाद सूत्र, बहराइच। अर्णब चक्रवात से हुई बारिश के बाद जंगल के सफारी मार्ग पर कीचड़ होने के चलते अभी पर्यटकाें को करीब चार दिन का इंतजार करना पड़ेगा। रविवार को कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र का औपचारिक शुभारंभ कर दिया गया है। यहीं नहीं, आए मेहमानों को औपचारिक रूप से जंगल भ्रमण कराया गया। पहले दिन पर्यटकों के लिए इंट्री व बुकिंग बंद रही। आज से पर्यटक जंगल की सैर कर सकेंगे।

प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित के नेतृत्व में बलहा विधायक प्रतिनिधि आलोक जिंदल ने फीता काटकर पर्यटन सत्र का उद्घाटन किया। कहा कि भाजपा सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जंगल से जोड़ने वाली तमाम नई सड़कों का निर्माण किया है इसके साथ ही अन्य व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है।

डीएफओ ने कहा कि रेट लिस्ट में कोई बदलाव नही है। पिछले वर्ष के हिसाब से ही रेट रहेगा। उन्होंने कहा कि मै पर्यटकों से कहूंगा कि वह ज्यादा से ज्यादा संख्या आएं और जंगल की खूबसूरती व यहां के दुर्लभ जीव जंतुओं का दीदार कर आनंद लें। पहले दिन कतर्नियाघाट में पर्यटकों कि इंट्री नही कि गई और न ही कोई बुकिंग ली गई।

सोमवार से पर्यटक जंगल की सैर कर सकेंगे। रेंजर कतर्नियाघाट आशीष गौड़, रेंजर धर्मापुर दीपक मिश्रा, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन, डिप्टी रेंजर मयंक पांडे, वन दरोगा योगेश सिंह, वन रक्षक सूरज कुमार, हीरा लाल यादव, अन्नू शुक्ल, विजय पांडे, मंसूर अली मौजूद रहे।

चार दिन बाद मिलेगा सफारी का आनंद

डीएफओ ने बताया कि दो दिन तक हुई बारिश में जंगल सफारी मार्ग पर कीचड़ हो गया है। इससे वाहन के पलटने का डर रहता है। इसको देखते हुए पहले चार दिन पर्यटकों को जंगल सफारी नहीं करवाया जाएगा। सड़क सूखने पर जंगल सफारी शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमेशा बारिश के दौरान जंगल सफारी नहीं होता है।

यह है सुविधा

वन निगम इंचार्ज अरुन कुमार पांडे ने बताया कि कतर्नियाघाट में वन निगम के कुल छह कमरे हैं, जिनमें चार लेपर्ड कैंप व दो टाइगर कैंप मौजूद हैँ जो इस सीजन में सुविधाओं से लैस है। इसके साथ ही जंगल सफारी के लिए छह टाटा जिनान गाड़ी मौजूद है जिसपर सात लोग सफारी का आनंद ले सकते हैं।

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