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घर में घुसकर छेड़खानी के मामले में चार दोषि‍यों को सात साल की सजा, 30 वर्ष पुराने मामले में कोर्ट ने की सुनवाई

Published: Tue, 24 Mar 2026 04:20 PM (IST)

बहराइच में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश ने 1996 के एक मामले में चार आरोपियों को घर में घुसकर अपहरण और ...और पढ़ें

सांकेत‍िक तस्‍वीर।

सांकेत‍िक तस्‍वीर।

HighLights

  1. बहराइच में चार दोषियों को सात साल की जेल।

  2. 1996 के अपहरण और छेड़खानी मामले में सजा।

  3. प्रत्येक पर 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा।

जागरण संवाददाता, बहराइच। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट राकेश कुमार सिंह द्वितीय ने घर में घुसकर अपहरण के बाद छेड़खानी करने के मामले में चार आरोपितों को दोषी ठहराया है। उन्हें सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 16-16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न अदा करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

अभियोजन पक्ष की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता अपराध राकेश कुमार ने मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि घटना 23 फरवरी 1996 के रात की है। बौंडी थाना के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की महिला ने थाने में तहरीर दी।

बताया कि उसके पति दिल्ली में काम करते हैं। वह घर में अपने ससुर, देवर के साथ रहती है। 23 फरवरी की रात अपने घर में सो रही थी। देर रात कुछ लोग घर में घुस आए और टार्च की रोशनी में देखकर उसे पकड़ लिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। महिला के शोर मचाने पर ससुर, देवर व गांव के अन्य लोग जाग गए तो आरोपित बाल पकड़कर खींचते हुए लेकर चले गए।

पुलिस ने इस मामले में सीतापुर के रामपुर मथुरा के शुक्लनपुरवा निवासी तीरथराम, परसू, बैजनाथ, अरविंद, बैजू, सुमिरन व राम नरेश के खिलाफ घर में घुसकर अपहृत करने व छेड़खानी का मामला दर्ज किया। पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर उसका बयान न्यायालय में दर्ज कराया। आरोपितों को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। विवेचना पूरी करके चार्जशीट अदालत में दाखिल की। विचारण के दौरान आरोपित बैजू, सुमिरन और राम नरेश की मौत हो गई।

अन्य आरोपितों के खिलाफ अदालत में मुकदमा चला। अदालत ने घटना में मिले साक्ष्य के आधार पर आरोपित तीरथराम, अरविंद, बैजनाथ व परसू को दोष सिद्ध करार दिया। दोषियों को सजा सुनाई। अदालत ने एससीएसटी एक्ट के अपराध में सभी को बरी कर दिया। आदेश में लिखा है कि यदि दोषी जुर्माना जमा करते हैं तो आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।

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