पहली रैंक लाकर यूपी पुलिस में सिपाही बना दर्जी का बेटा, घर में तिहरी खुशखबरी आने से जश्न का माहौल
बागपत के सारंग ने सीमित संसाधनों के बावजूद यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती में प्रदेश में पहली रैंक हासिल की है।

दोघट में माता पिता के साथ सारंग। सौ. स्वजन
HighLights
सारंग ने यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती में पहली रैंक हासिल की।
सीमित संसाधनों के बावजूद ऑनलाइन पढ़ाई से सफलता पाई।
परिवार में तीन सरकारी नौकरियां, दो बहनें भी पुलिस में।
जागरण संवाददाता, बागपत। जुनून और जज्बा हर मुश्किल काम को आसान कर देता है। सीमित संसाधन में दर्जी के बेटे ने यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती में प्रदेश में पहली रैंक हासिल की है। परिवार में जश्न का माहौल है। इस बार की भर्ती में जनपद के सैकड़ों युवाओं का खाकी पहनने का सपना पूरा हुआ है।
दोघट निवासी लोकेंद्र कपड़ों की सिलाई करते हैं। उनके बेटे सारंग ने आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती 2025 में 300 में से 276 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
भर्ती की तैयारी में नियमित पढ़ाई
परिवार की आर्थिक हालत ज्यादा ठीक नहीं है। उनके द्वारा आनलाइन पढ़ाई कर परीक्षा की तैयारी की गई, वह अपनी पढ़ाई के खर्च के लिए बच्चों को भी ट्यूशन पढ़ाते रहे। पिता के साथ भी काम में हाथ बंटाया। गुरुवार को बेटे की उपलब्धि पर पिता लोकेंद्र और मां बबली की खुशी का ठिकाना न रहा।
स्वजन ने बताया कि सारंग ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 81.5 प्रतिशत और 12वीं में 78 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, वह बचपन से ही होनहार है। पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए उसने नियमित 12 घंटे पढ़ाई की।
दो बेटियां भी सरकारी नौकरी में
सारंग की बड़ी बहन आशा यूपी पुलिस में उन्नाव में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं तथा छोटी बहन आभा का वर्ष 2025 में सीआईएसएफ में कांस्टेबल के पद पर चयन हुआ था, वह वर्तमान में केरल में तैनात है।
परिवार में दो बेटियों की सरकारी नौकरी के साथ तीसरी नौकरी बेटे के हासिल करने पर परिवार में जश्न का माहौल है। उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा है।
युवाओं का खाकी वर्दी पहनने का सपना पूरा
इसके अलावा, जनपद में सैकड़ों युवाओं का खाकी वर्दी पहनने का सपना पूरा हुआ है। सरूरपुर कलां के आठ तो फैजपुर-निनाना के तीन युवाओं का चयन हुआ है। इसी तरह बागपत नगर, किरठल और अन्य गावों के युवाओं का सिलेक्शन हुआ है।
