यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण के बयान से वेस्ट यूपी में सियासी खलबली... CM से मिले रालोद सांसद-विधायक
Baghpat News गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के रालोद को लेकर दिए एक बयान के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश ...और पढ़ें

HighLights
- रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयन्त चौधरी बताए जा रहे असहज
- बागपत सांसद बोले- लक्ष्मीनारायण चौधरी के बयान को रालोद व भाजपा गंभीरता से नहीं ले रहीं
जागरण संवाददाता, बागपत। प्रदेश सरकार में गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के रालोद का जिस दल से गठबंधन हुआ वो हार गया, इस बयान से पश्चिम उप्र में सियासी हलचल तेज हो गई। रालोद सभी सांसद तथा विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात को लक्ष्मीनारायण चौधरी के बयान से लेकर जोड़ा जा रहा है।
सोमवार को सांसद डा. राजकुमार सांगवान तथा बिजनौर सांसद चंदन सिंह, छपरौली विधायक डा. अजय कुमार, सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद, शामली थानाभावन के विधायक अशरफ अली समेत सभी विधायक तथा एक विधान परिषद सदस्य लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिले।
सूत्रों की मानें तो विधायकों व सांसदों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के बयान पर शिकायत की है। बताया जाता है कि लक्ष्मी नारायण चौधरी के बयान से न केवल रालोद के आम कार्यकर्ता बल्कि पार्टी अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जयन्त चौधरी भी असहज हैं। सूत्रों की मानें तो जयन्त के निर्देश पर ही दोनों सांसद तथा विधायक मुख्यमंत्री से मिले। सांसद डा. राजकुमार सांगवान ने कहा कि लक्ष्मीनारायण चौधरी का बयान रालोद व भाजपा गंभीरता से नहीं ले रही। मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की है। छपरौली विधायक डा. अजय कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री से गन्ना भुगतान समेत किसानों के मुद्दों पर बात की गई है। खैर, कुछ भी हो लेकिन इतना अवश्य है कि रालोद सांसदों तथा विधायकों की मुख्यमंत्री से मुलाकात करने को लेकर राजनीतिक पंडितों में कयासबाजी तेज हो गई है।
दुष्यंत चौटाला से की जयंत की तुलना
प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के बयान का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें लक्ष्मी नारायण चौधरी कह रहे हैं कि रालोद से गठबंधन करने से मुजफ्फरनगर, कैराना तथा मुरादाबाद की लोकसभा सीट हम हार गए। इस रालोद की स्थापना बड़े गलत...जिस दल से इसका गठबंधन हुआ वो हार गया।
उन्होंने कहा जनता पार्टी, जनता दल, कांग्रेस, भाजपा तथा सपा यानी जिस दल से रालोद का गठबंधन हुआ उनका सूपड़ा साफ हो गया। लक्ष्मी नारायण चौधरी यहीं नहीं रुकते बल्कि वे कहते हैं कि रालोद के समर्थकों का वोट भाजपा को नहीं मिलता। मथुरा सांसद हेमा मालिनी पिछली बार 85 हजार से जीत दर्ज की थी और अबकी बार भी इतनी वोटों से जीती हैं। रालोद का वोट कहां गया...। जैसे दुष्यंत चौटाला को गलतफहमी थी हरियाणा में वैसी ही गलतफहमी उन्हें यानी जयंत चौधरी को है।
