इकोनामिक कॉरिडोर पर बनेगा इंटरचेंज और सर्विस रोड, NHAI ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया, किसानों की बड़ी जीत
एनएचएआई ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर गांगनौली में इंटरचेंज और 10 किमी सर्विस रोड के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
गांगनौली में इंटरचेंज और 10 किमी सर्विस रोड बनेगा।
एनएचएआई ने निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है।
किसानों के 151 दिन के आंदोलन की यह बड़ी जीत।
जागरण संवाददाता, बागपत। किसानों का आंदोलन आखिरकार रंग लाया। दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर पर गांगनौली में इंटरचेंज बनेगा। एनएचएआई ने इंटरचेंज और 10 किमी लंबे सर्विस रोड की तैयारी शुरू कर दी है, हालांकि एनएचएआई के अफसर चुप्पी साधे हैं, वहीं किसान नेता खुश हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के हाथों ही इसका शुभारंभ कराने की तैयारी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत 14 अप्रैल को इकोनामिक कॉरिडोर का उद्धाटन किया था। 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण हुआ है। इसकी लंबाई करीब 119 किमी है।
गांगनौली में इंटरचेंज की मांग
बागपत में सबसे ज्यादा करीब 51 किमी की लंबाई है। यहां पर काठा टोल प्लाजा, अग्रवाल मंडी और जलालपुर इंटरचेंज हैं। इसके चालू होने से पहले ही गांगनौली में इंटरचेंज की मांग उठाई गई थी। कॉरिडोर के निर्माण के लिए गांगनौली में अस्थाई रास्ता बनाया गया था, जिसको किसानों ने बंद नहीं करने दिया था।
भाकियू के नेताओं ने आंदोलन शुरू कर दिया था। इसको लेकर किसान नेता और पुलिस व एनएचएआई के अफसर आमने-सामने आए थे। किसानों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। गांगनौली के अंडरपास के नीचे पिछले 151 दिन से धरना चल रहा है।
निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. नरेश टिकैत के भांजे राजेंद्र चौधरी, गांगनौली के पूर्व प्रधान चौधरी धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि गांगनौली में इंटरचेंज और 10 किमी लंबा सर्विस रोड मंजूर हो गई है। इनके निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उधर, एनएचएआई के परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह का कहना है कि इकनोमिक कॉरिडोर पर एक इंटरचेंज और 10 किमी लंबे सर्विस रोड के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इनका निर्माण कहां होगा, अभी स्पष्ट नहीं है।
