अंगूठा छाप के 'कलंक' से मुक्ति की ओर कदम: 5 हजार से ज्यादा निरक्षरों ने दी परीक्षा; आधी आबादी ने बाजी मारी
Baghpat News: बागपत में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 5,093 निरक्षरों ने मूलभूत साक्षरता परीक्षा दी। यह पहल ...और पढ़ें

बागपत में साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा के दौरान मौजूद परीक्षार्थी।
HighLights
बागपत के 293 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न कराई गई नव भारत साक्षरता परीक्षा।
3,717 महिलाएं और 1,376 पुरुषों ने किया साक्षरता परीक्षा में प्रतिभाग।
जागरण संवाददाता, बागपत। जिले में रविवार को उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा के लिए जिले में 293 परीक्षा केंद्र बनाए गए, जिसमें 5,093 निरक्षकों ने प्रतिभाग किया। निरक्षरों में सबसे अधिक महिलाएं शामिल रहीं। खंड शिक्षा अधिकारी और शिक्षकों ने केंद्रों का निरीक्षण किया। शिक्षकों की कक्ष निरीक्षकों के रूप में ड्यूटी लगाई गई थी।
अंगूठा छाप के कलंक से मुक्ति पाने के लिए रविवार को निरक्षरों ने परीक्षा में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के प्रभारी सहायक नोडल शिवम शर्मा ने बताया कि 293 केंद्रों पर परीक्षा में सबसे अधिक महिलाओं की प्रतिभागिता अधिक रही। उन्होंने बताया कि परीक्षा 3,717 महिलाएं एवं 1,376 पुरुष परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा को सकुशल एवं शांतिपूर्ण संपन्न में जिला स्तर से लेकर सभी खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षकों एवं संबंधित कर्मचारियों का कार्मिकों द्वारा परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण किया गया।
बीएसए गीता चौधरी ने कहा कि उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम केवल पढ़ना-लिखना सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के असाक्षर व्यक्तियों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर, जागरूक एवं सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
यह भी पढ़ें- IAS के पिता का स्कूटर और ADO की बाइक जब्त, बागपत में परिवहन विभाग का एक्शन; 43 वाहन जब्त कर स्क्रैप सेंटर भेजे
नवसाक्षरों को दैनिक जीवन में पढ़ने, लिखने, समझने तथा आवश्यक संख्यात्मक कार्यों को आत्मविश्वास के साथ करने में सक्षम बनाना कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। सामूहिक प्रयासों से ही साक्षरता अभियान को जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकता है।
