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UP Basic Education: 'स्कूल चलो अभियान' के साथ ही बच्चों को मिलेगा किताबों का तोहफा, जानें पूरी योजना

Published: Fri, 20 Mar 2026 08:30 AM (IST)

बदायूं जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के लिए 25 लाख से अधिक निशुल्क पाठ्यपुस्तकें पहुंच गई हैं। नए ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र

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जागरण संवाददाता, बदायूं। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में अध्यनरत बच्चों को नवीन शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले ही निशुल्क पाठ्य पुस्तकें प्राप्त हो जाएंगी। विभाग द्वारा बदायूं जिले को 25 लाख से अधिक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा दी गईं हैं। दावा किया जा रहा है कि सभी ब्लाक संसाधन केंद्रों को किताबें पहुंच गईं हैं और जल्द ही सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी, ताकि बच्चों को भी समय पर उपलब्ध करा दी जाएं।

जिले में 2000 से अधिक प्राथमिक और 600 से अधिक उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें नामांकित बच्चों की संख्या के आधार पर विभाग द्वारा शासन से उनको दी जाने वाली निशुल्क पाठ्य पुस्तकों की मांग की गई थी। शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो जाएगा। इसलिए विभाग द्वारा बच्चों को समय से पाठ्य पुस्तकें दे दी जाएं, इसके लिए पिछले महीने ही किताबों की डिमांड भेज दी गई थी।

वर्तमान में परिषदीय स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं भी चल रही हैं और एक अप्रैल को बच्चों के लिए रिपोर्ट कार्ड वितरित किए जाएंगे लेकिन स्कूलों को उससे पहले ही निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी। कक्षा एक से लेकर आठ तक के बच्चों के लिए स्कूलों द्वारा पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी।

पिछले काफी समय देखा गया है कि स्कूलों में सत्र के शुरू होने के काफी समय बाद भी बच्चों को किताबें नहीं मिल पाती थीं, जिसकी वजह से उनकी कई विषयों की पढ़ाई भी ठीक से नहीं हो पाती थी लेकिन इस बार विभाग द्वारा यह प्रयास किया गया है कि समय से पढ़ाई शुरू हो सके।

इसके लिए पहले से ही बदायूं जिले के लिए सभी पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 25 लाख से अधिक हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विषय, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान, संस्कृत, स्काउट गाइड, शारीरिक शिक्षा आदि विषय की निशुल्क पाठ्य पुस्तकें आ गई हैं।

विभागीय उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सभी ब्लाक संसाधान केंद्रों पर भी किताबें पहुंचा दी गईं हैं। वहीं से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को किताबें भेज दी जाएंगी। यह भी बताया जा रहा है कि कार्य पुस्तिका भी बच्चों को उपलब्ध कराई जाएगी। जिस स्कूल में नए नामांकन होंगे।

वहां के लिए भी पहले से ही पाठ्य पुस्तकें दे दी जाएंगी ताकि प्रवेश लेते समय ही बच्चों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जा सकें। शासन के ये निर्देश रहे हैं कि ब्लाक लेवल से ही किताबें स्कूलों तक पहुंचाई जाएंगी। इसके लिए सरकार की ओर से भाड़ा भी दिया जाता है। अब देखना यह है कि कब से स्कूलों में किताबें पहुंचाई जाएंगीं।

एक अप्रैल से शुरू होगा स्कूल चलो अभियान

परिषदीय स्कूलों में अधिक नामांकन के लिए अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह से ही स्कूल चलो अभियान शुरू हो जाएगा। स्कूलों द्वारा विभागों को अपने बच्चों का प्रवेश दिलाने के लिए रैलियां भी आयोजित की जाएंगी। इसके लिए विभाग स्तर से अभी कोई प्रोग्राम नहीं आया है लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही स्कूल चलो अभियान का प्रोग्राम भी आ जाएगा।

नवीन नामांकित बच्चों का होगा स्वागत

परिषदीय स्कूलों में नवीन नामांकन कराने वाले सभी बच्चों का प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों द्वारा टीका लगाकर स्वागत किया जाएगा। उन्हें नियमित विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

विद्यालय प्रबंध समिति की होगी भूमिका

स्कूलों में नामांकन कराने के लिए विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारी और सदस्यों की भी जिम्मेदारी तय की गई है और उनके द्वारा विभागों से व्यक्तिगततौर पर संपर्क करके बच्चों को नामांकन कराने के साथ ही नियमित विद्यालय भेजने को प्रेरित भी किया जाएगा। विद्यालय प्रबंध समिति में वही पदाधिकारी और सदस्य होंगे, जिनके बच्चे संबंधित स्कूलों में नामांकित होंगे।

 

जिले में नवीन पाठ्य पुस्तकें आ गईं हैं और शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले ही सभी स्कूलों को उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देशित कर दिया गया है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होगी।

- वीरेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी


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