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कागजों पर सचल दल, क्लास में सामूहिक नकल: बदायूं के परिषदीय स्कूलों में दावों की खुली पोल!

Published: Thu, 19 Mar 2026 07:16 AM (IST)

बदायूं के परिषदीय स्कूलों की वार्षिक परीक्षाओं में व्यापक अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। कई स्कूलों में बच्चे खुलेआम नकल करते ...और पढ़ें

शहर के स्कूल में परीक्षाएं देते बच्चे। जागरण

शहर के स्कूल में परीक्षाएं देते बच्चे। जागरण

HighLights

  1. परिषदीय स्कूलों में चल रही वार्षिक परीक्षा व्यवस्थाओं में धड़ाम, समय पर शुरू नहीं हो पा रहीं परीक्षाएं

जागरण संवाददाता, बदायूं। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में चल रही परीक्षाओं की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पा रहा है। आज भी तमाम स्कूलों में खुलेआम बच्चे नकल करते देखे गए। यही नहीं बहुत से स्कूलों में परीक्षाएं निर्धारित समय से शुरू न होकर देर से प्रारंभ हुईं। जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 16 मार्च से वार्षिक परीक्षाएं शुरू हुई हैं। पहले दिन से ही परीक्षाओं में अव्यवस्थाएं हावी रही हैं। जिले के ज्यादातर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चे कक्षाओं में सामूहिक रूप से बैठकर नकल करते देखे गए हैं।

बुधवार को सामाजिक विषय और अंग्रेजी की परीक्षा हुई। परीक्षाओं में नकल न हो इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से सचल दल भी गठित किए गए हैं। यह अलग बात है कि यह सचल दल कागजों में लगातार स्कूलों में पहुंच कर जायजा ले रहे हैं लेकिन हकीकत कुछ उसके उलट ही है।

बहुत से स्कूलों में यह परीक्षा पूरी तरह से बेकार ही साबित होकर रह गई है। लोग बताते हैं कि कक्षाओं में बच्चों को सामूहिक रूप से बैठाया जाता है। विभाग द्वारा स्कूलों को पर्याप्त संख्या में प्रश्न पत्र नहीं दिए जाने की वजह से शिक्षकों द्वारा बच्चों को एक ही स्थान पर बैठाकर पेपर दिलाया जा रहा है, जिसकी वजह से बच्चे खुलेआम नकल करते देखे जा रहे हैं।

शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि बेहतर होता विभाग के अधिकारी सभी स्कूलों को पर्याप्त प्रश्न पत्र उपलब्ध कराते ताकि नकल पर भी रोक लग सकती थी। ऐसी परीक्षा से क्या फायदा, जिसमें बच्चे नकल के सहारे पास होकर अगली कक्षा में पहुंच जाएं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि स्कूलों को बेहद कम मात्रा में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए गए हैं।

शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों द्वारा लगातार मांग किए जाने के बाद भी उन्हें नामांकन के हिसाब से प्रश्न पत्र नहीं दिए गए। यह भी कहना है कि यदि सचल दल द्वारा स्कूलों में पहुंचकर व्यवस्थाओं को देखा जाता तो उनमें सुधार भी हो सकता था और बच्चों के मन में परीक्षा का महत्व भी समझ आता लेकिन ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा है जबकि परीक्षाएं 20 मार्च तक संचालित होंगी। यह बात अलग है कि विभागीय अधिकारी परीक्षाओं को लेकर तरह-तरह के दावे कर रहे हों लेकिन इस बार परीक्षाएं पूरी तरह से फेल हो गई है।

रिपोर्ट कार्ड तैयार करने में लगे शिक्षक

विभाग द्वारा सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को रिपोर्ट कार्ड उपलब्ध करा दिए गए हैं। रिपोर्ट कार्ड मिलते ही शिक्षक भी उन्हें तैयार करने में जुट गए हैं। हालांकि अभी परीक्षाएं चल रही हैं। शिक्षक कापियों के मूल्यांकन के साथ ही रिपोर्ट कार्ड तैयार करने में लगे हैं ताकि समय पर सभी बच्चों को रिपोर्ट कार्ड दिया जा सके।

नहीं सुधर रही बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता

परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए तमाम तरह के कार्यक्रम भी चलाएं जा रहे हैं। जिसके तहत शिक्षकों द्वारा स्कूलों में बच्चों को निपुण करने के लिए मोबाइल पर असेसमेंट भी किया जाता है। बावजूद इसके बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार नहीं आ पा रहा है।

बड़ी संख्या में स्कूल हुए निपुण

बेसिक शिक्षा द्वारा संचालित प्राथमिक स्कूलों में निपुण कार्यक्रम लंबे समय से चल रहा है। इसके लिए समय-समय पर अधिकारियों द्वारा स्कूलों में चेकिंग के दौरान निपुण कार्यक्रम का जायजा भी लिया जाता है। स्कूलों को निपुण करने के लिए दक्षताएं भी निर्धारित की गई है, जिसके तहत शिक्षकों द्वारा बच्चों का आंकलन किया जाता है। इसी क्रम में विभागीय सूत्रों द्वारा ज्ञात हुआ है कि विभाग द्वारा जिले के बहुत से प्राथमिक स्कूलों को निपुण होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है।

 

सभी परिषदीय स्कूलों में परीक्षाएं चल रही है। हमारे पास प्रश्न पत्र कम होने की शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आती तो प्रश्न पत्र जरूर उपलब्ध कराए जाते।

- वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए


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