बदायूं में दूसरे रोडवेज बस अड्डे का काम अटका: प्रशासक नहीं दे सकते जमीन का प्रस्ताव, फंसा कानूनी पेंच
बदायूं में प्रस्तावित दूसरे रोडवेज बस अड्डे का निर्माण कानूनी अड़चन के कारण रुक गया है। ग्राम पंचायत की जमीन ...और पढ़ें

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HighLights
शहर के बाइपास पर देखी गई थी दूसरे रोडवेज बस अड्डे को जमीन
जागरण संवाददाता, बदायूं। शहर को जाम से निजात दिलाने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए बाइपास पर प्रस्तावित दूसरे रोडवेज बस अड्डे का मामला अधर में लटक गया है। जिला प्रशासन पिछले कई महीनों से इसकी कवायद में जुटा है, लेकिन ऐन वक्त पर जमीन के प्रस्ताव में कानूनी पेंच फंस गया है, जिससे पूरा प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में जाता दिखाई दे रहा है।
जिला प्रशासन ने दूसरे बस अड्डे के लिए बाइपास के पास ग्राम पंचायत की जमीन चिन्हित की है। यह जमीन सभी मानकों पर खरी उतर रही थी और प्रशासन स्तर पर लगभग सहमति भी बन गई थी।
योजना थी कि ग्राम पंचायत से प्रस्ताव लेकर इस जमीन को परिवहन विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाए, जिससे जल्द से जल्द बस अड्डे का निर्माण शुरू हो सके लेकिन इसी बीच पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से मामला उलझ गया।
चुनाव के चलते वर्तमान में ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो चुका है और गांव में प्रशासक तैनात कर दिए गए हैं। नियमों के मुताबिक प्रशासक को केवल रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों को देखने का अधिकार होता है।
वह ग्राम पंचायत की जमीन को किसी अन्य विभाग को देने या बेचने का प्रस्ताव नहीं कर सकता। नियम है कि जमीन के हस्तांतरण जैसा महत्वपूर्ण प्रस्ताव केवल निर्वाचित ग्राम पंचायत ही कर सकती है, वह भी खुली बैठक में।
प्रशासक द्वारा किया गया प्रस्ताव वैध नहीं माना जाएगा। इसी कानूनी अड़चन के कारण अब जमीन का प्रस्ताव नहीं हो पा रहा है। हालांकि एक अधिकारी ने बताया कि इस समस्या का वैकल्पिक समाधान तलाशा जा रहा है।
देखा जा रहा है कि क्या किसी अन्य सरकारी जमीन को इसके लिए चिन्हित किया जा सकता है या शासन से इस संबंध में कोई विशेष अनुमति ली जा सकती है। लेकिन फिलहाल कोई ठोस रास्ता नहीं निकल पाया है।
अंदर शहर में बसें जाने से बिगड़ रही है व्यवस्था
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला लटकने से शहर की यातायात व्यवस्था पर असर पड़ना तय है। वर्तमान में शहर के बीचों-बीच स्थित पुराना बस अड्डा पहले से ही छोटा पड़ रहा है।
वहां बसों की संख्या बढ़ने से आए दिन जाम की स्थिति बनती है। दूसरे बस अड्डे के बनने से शहर के बाहर से आने वाली बसों को बाइपास पर ही रोका जा सकता था, जिससे शहर को जाम से राहत मिलती।
नया रोडवेज बस अड्डा का प्रस्ताव लगभग तैयार है लेकिन जो जमीन चिह्नित की गई है, वह ग्राम पंचायत की है। अभी उसका प्रस्ताव होना मुश्किल है। क्योंकि प्रशासक कोई भी प्रस्ताव नहीं कर सकते। इसलिए कोई वैकल्पिक समाधान ढूंढा जा रहा है।
- मानवेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन
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