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जीनत को ढाल बनाकर अवैध कारतूसों की तस्करी: बदायूं गन हाउस के मालिक अफीफुद्दीन का नेटवर्क बेनकाब

Published: Wed, 04 Nov 2026 04:49 PM (IST)

बदायूं गन हाउस के मालिक अफीफुद्दीन का अवैध कारतूस तस्करी नेटवर्क बिहार और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उजागर ...और पढ़ें

आरोपित अफीफुद्दीन और आरोपित आसिम। स्रोत पुलिस

आरोपित अफीफुद्दीन और आरोपित आसिम। स्रोत पुलिस

HighLights

  1. हरियाणा में पकड़ने के बाद सौदा करने को तैयार था अफीफुद्दीन, एसटीएफ की पूछताछ में बताए राज

अंकित गुप्ता, बदायूं। बिहार में पकड़े गए लल्टू के काल रिकार्ड से पता चला कि उसका संपर्क बदायूं गन हाउस के मालिक अफीफुद्दीन उर्फ मुन्ना उर्फ बाबी से है। पूछताछ में उसने अफीफुद्दीन की कुंडली खोल दी। उससे मिले मोबाइल नंबर की लोकेशन जब हरियाणा के झज्जर में मिली तो बिहार पुलिस को लल्टू की बातों पर यकीन हो गया।

बदायूं गन हाउस के मालिक अफीफुद्दीन और हरियाणा के महक गन हाउस मालिक के बीच बातचीत के बाद यह साफ हो गया था कि यह कारतूस की खेप लेकर जा रहे हैं।

बिहार पुलिस की इसी सूचना पर लोकेशन ट्रेस करती हुई हरियाणा पुलिस रोहतक नेशनल हाईवे पर रोहद टोल तक पहुंची और पूरा गिरोह धरा गया। पता चला कि अफीफुद्दीद कारतूस का बड़ा हैंडलर था।

वह कई साल से यही धंधा कर रहा था। जिस महिला को उसके साथ पकड़ा गया, उसे वह ढाल की तरह इस्तेमाल करता था। सालों से जिले से चल रहे इस कारोबार की भनक न स्थानीय पुलिस को लगी और न ही लोकल इंटेलीजेंस वाली टीमों को।

बदायूं के रोडवेज बस अड्डा और लावेला चौक के बीच स्थित बदायूं गन हाउस बहुत पुरानी दुकान है। इसी दुकान के पीछे अफीफुद्दीन उर्फ मुन्ना उर्फ बाबी का घर भी है।

जिसका एक रास्ता दुकान से होकर भी घर के अंदर तक जाता है, वहीं उसका दूसरा गेट जिला अस्पताल रोड पर मंदिर के सामने गेस्ट हाउस के पड़ोस में है। सुबह करीब आठ बजे हरियाणा एसटीएफ बदायूं पहुंच गई थी।

एसएसपी से मिलकर उन्हें पूरी जानकारी दी गई। इसके बाद सीओ सिटी सुमेध मिलिंद जाधव के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच को भेजी गई। इसमें सिविल लाइंस पुलिस के अलावा एसओजी के जवानों को भी शामिल किया गया।

करीब 11 बजे टीम सीधे अफीफुद्दीन की गन हाउस पर पहुंची। इसके बाद उसके घर पर पुलिस टीम ने जांच शुरू की। इस दौरान दुकान पर और न घर पर कुछ खास नहीं मिला।

लेकिन जो असलाह मिले उनके लाइसेंस के नवीनीकरण न होने के चलते और कारतूस के प्रपत्र न मिलने के चलते प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने इसके अलाव अन्य आरोपित जो नाहर खां सराय के रहने वाले हैं, उनके यहां भी तलाशी ली।

हरियाणा एसटीएफ और बिहार एसटीएफ की जांच में जो बातें सामने आई वह चौंकाने वाली थीं। शुरुआती जांच में ही सामने आ गया था कि अफीफुद्दीन बदायूं गन हाउस चलाता है।

बिहार में पकड़े गए लल्टू के जरिए पता चल गया था कि अफीफुद्दीन हरियाणा के सिरसा गया है। जहां उसने महक गन हाउस के मालिक विजय गोयल से कारतूसों की यह खेप प्राप्त की थी। पुलिस जांच में सामने आया कि वह कई साल से यह कारोबार कर रहा था।

बिहार ले जाने और शहर लाने दोनों की पुष्टि कर रही पुलिस

एएसपी सीओ सिटी सुमेध मिलिंद जाधव के अनुसार अफीफुद्दीन और उसके साथी हैंडलर की तरह काम करते थे। वह विजय गोयल से खेप लेकर बिहार जाने की तैयारी में थे लेकिन उससे पहले पकड़े गए।

वहीं एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि बिहार पुलिस की सूचना पर ही हरियाणा पुलिस ने अफीफुद्दीन समेत पांच आरोपितों को पकड़ा है। यह वहां से कारतूस बदायूं ही ला रहे थे। यह अवैध तरीके से कारतूस की बिक्री करते थे। अब तक इनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है।

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