कहीं आपकी डिग्री नकली तो नहीं! यूपी में इस कॉलेज से मिली सभी डिग्रियां फर्जी, जाल में फंसे कई छात्र
बदायूं के उझानी में एसआरएस इंडियन पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक ने छात्राओं से लाखों की ठगी कर फर्जी डिग्री दी ...और पढ़ें

HighLights
उझानी में फर्जी पैरामेडिकल कॉलेज संचालक ने लाखों की ठगी।
एसआरएस इंडियन पैरामेडिकल कॉलेज का संचालक प्रदीप यादव फरार।
छात्राओं को फर्जी डिग्री देकर लाखों रुपये वसूले गए।
जागरण संवाददाता, बदायूं। उझानी में किराये के हॉल में संचालित एसआरएस इंडियन पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक पर दर्जनों छात्राओं से एएनएम-जीएनएम कोर्स में दाखिले के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर फरार होने का आरोप है।
मामले में पीड़ित पिता की शिकायत पर एसएसपी के आदेश से करीब एक साल पहले ही प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। आरोप है कि संचालक छात्राओं से दो-दो लाख रुपये तक वसूलने के बाद कॉलेज बंद कर फरार हो गया।
यह है पूरा मामला
कादरचौक क्षेत्र के गांव बमनौसी निवासी राकेश कुमार सिंह पुत्र ओमप्रकाश सिंह ने दो बेटियों रुचि और शिखा का कॉलेज में दाखिला कराया था। बाद में उन्हें दिए गए प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। राकेश ने जनसूचना के तहत मुख्य चिकित्साधिकारी बदायूं और उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी से कॉलेज की मान्यता व संबद्धता की जानकारी मांगी।
दोनों जगह से मिले जवाब में कॉलेज को किसी प्रकार की मान्यता या संबद्धता प्राप्त नहीं होने और वहां से उत्तीर्ण छात्राओं का कहीं पंजीकरण नहीं होने की जानकारी दी गई।
आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर संचालक ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद उसने एसएसपी से शिकायत की, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज हुई। आरोप है कि प्रदीप यादव इसके बाद कॉलेज बंद कर फरार हो गया और उसका मोबाइल भी स्विच आफ है।
किराया भी नहीं दिया
कॉलेज मुहल्ला श्रीनारायणगंज लिंक रोड पंजाबी कालोनी स्थित मदरशील स्कूल की ऊपरी मंजिल के हॉल में चल रहा था। स्कूल की प्रधानाचार्या रेनू थरेजा ने बताया कि हाल किराये पर दिया गया था, लेकिन संचालक 25 हजार रुपये किराया दिए बिना चला गया। उन्होंने बताया कि अब उसका मोबाइल बंद आ रहा है।
