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अटल बिहारी वाजपेयी स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी कराएगी जीएनएम पाठ्यक्रम की प्रवेश परीक्षा

By Vikash Mishra Edited By: Dharmendra Pandey
Published: Sat, 18 Apr 2026 07:17 PM (IST)

GNM Course:  प्रदेश में दस सरकारी नर्सिंग कालेजों में जीएनएम की कुल 513 सीटें हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी

अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी 

HighLights

  1. मेडिकल यूनिवर्सिटी की प्रवेश समिति का फैसला

  2. निजी विश्वविद्यालयों से संबद्ध कालेज में जीएनएम की प्रवेश परीक्षा उसी यूनिवर्सिटी पर

जागरण संवाददाता, लखनऊ। प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी अब दस सरकारी कालेज में तीन वर्षीय जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए स्वयं प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगी।

विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति की बैठक में शनिवार को यह निर्णय लिया गया। इसके तहत अब प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में जीएनएम कोर्स में दाखिला केवल प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। प्रदेश में दस सरकारी नर्सिंग कालेजों में जीएनएम की कुल 513 सीटें हैं। इससे पहले प्रवेश प्रक्रिया अलग-अलग स्तर पर संचालित होती थी, लेकिन अब इसे केंद्रीकृत कर दिया गया है।

इसके अलावा ऐसे कालेज, जो किसी अन्य मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध नहीं हैं, उनकी प्रवेश परीक्षा भी अटल विहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी कराएगा। बैठक की अध्यक्षता यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अमित देवगन ने की। इस मौके पर डीन डॉ. अशोक विश्नोई, परीक्षा नियंत्रक डॉ. देवाशीष शुक्ला और स्टेट मेडिकल फैकल्टी के सचिव डॉ. अनुराग श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।

प्रवेश समिति की बैठक में यह भी फैसला किया गया है कि निजी विश्वविद्यालयों से संबद्ध नर्सिंग कालेज में जीएनएम की प्रवेश की जिम्मेदारी उसी यूनिवर्सिटी पर होगी। इससे दोनों प्रकार के संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया स्पष्ट रूप से अलग और व्यवस्थित हो सकेगी। सूबे में 433 प्राइवेट कालेज में जीएनएम की 20245 सीटें हैं।

परीक्षा नियंत्रक डॉ. देवाशीष शुक्ला के मुताबिक, प्रदेश के सभी जीएनएम कालेज स्टेट मेडिकल फैकल्टी से संबद्ध हैं। शैक्षिक सत्र 2025-26 में अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी की तरफ से सरकारी व निजी जीएनएम कालेजों में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराई गई थी। शैक्षिक सत्र 2026-27 में प्रवेश परीक्षा को लेकर बदलाव किया गया है। आगामी सत्र के लिए सफल अभ्यर्थियों को उनके गृह जनपद में प्रवेश के लिए वरीयता दी जाएगी।

यह फैसला प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की प्रवेश प्रणाली को एकरूप, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने की दिशा में बेहद अहम साबित होगा। कालेजों में गुणवत्तापरक शिक्षा देने की दिशा में नियमित निगरानी हो रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रवेश परीक्षा की तारीख व दाखिले का कार्यक्रम घोषित की जाएगी।