त्योहारों से पहले बिजली विभाग का बड़ा फैसला: छोटे बकाएदारों को राहत, टॉप 1000 डिफॉल्टर्स पर कसेगा शिकंजा
त्योहारों से पहले विद्युत निगम ने बड़े बकाएदारों पर शिकंजा कसने की रणनीति बनाई है, जिससे छोटे उपभोक्ताओं को राहत ...और पढ़ें

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HighLights
जिले के 4.85 लाख उपभोक्ताओं पर है लगभग 700 करोड़ रुपये का राजस्व बकाया
जागरण संवाददाता, बदायूं। त्योहारों के नजदीक आते ही विद्युत निगम ने राजस्व वसूली के लिए सख्त और प्रभावी रणनीति तैयार की है। इसके तहत छोटे उपभोक्ताओं को राहत देते हुए विभाग का पूरा फोकस बड़े बकाएदारों पर केंद्रित कर दिया गया है। निगम ने जिले के टाप एक हजार सबसे बड़े बकाएदारों की सूची तैयार कर ली है, जिन पर विशेष शिकंजा कसा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य लंबित राजस्व की शत। प्रतिशत वसूली कर वित्तीय स्थिति मजबूत करना और त्योहारों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
जिले में विद्युत उपभोक्ताओं की कुल संख्या 4.85 लाख के करीब है, जिन पर कुल मिलाकर करीब 700 करोड़ रुपये का भारी भरकम राजस्व बकाया चल रहा है।
इस बकाए की वसूली के लिए निगम पारंपरिक तरीकों जैसे तकादा और मार्निंग रेड अभियानों के साथ साथ अब आधुनिक तकनीकों का भी सहारा ले रहा है, ताकि बड़े बकाएदारों को चारों तरफ से घेरा जा सके।
सितंबर माह तक के आंकड़ों के अनुसार, जिले में बकाएदारों का दायरा काफी बड़ा है। इसमें एक हजार से 10 हजार रुपये तक के बकाए वाले 1,56,564 उपभोक्ता शामिल हैं।
वहीं, 10 हजार से 50 हजार रुपये तक की श्रेणी में 1,17,132 उपभोक्ता आते हैं। इसके अलावा, 50 हजार से एक लाख रुपये तक का बकाया रखने वाले 26,667 उपभोक्ता हैं।
जबकि एक लाख रुपये से अधिक का बड़ा बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 13,899 है। छोटे उपभोक्ताओं पर सीधी सख्ती करने के बजाय निगम अब केवल उन चुनिंदा बड़े डिफाल्टरों पर अपना शिकंजा कस रहा है, जिन पर निगम का सबसे ज्यादा पैसा अटका हुआ है।
अधिकारियों का मानना है कि इस लक्षित अभियान से चालू महीने का वित्तीय लक्ष्य आसानी से पूरा हो जाएगा। साथ ही, त्योहारों के पावन अवसर पर आम उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के लगातार बिजली मिल सकेगी, जिससे त्योहारी सीजन में किसी भी प्रकार की तकनीकी या वित्तीय बाधा उत्पन्न न हो।
जिले में उपभोक्ताओं पर करोड़ों का राजस्व बकाया है। त्योहार से पहले बड़े बकायदारों पर शिकंजा कसा जा रहा है। इस नई योजना से निश्चित तौर पर हम भारी राजस्व जमा कराएंगे।
- महेंद्र प्रसाद, अधीक्षण अभियंता
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