शायर कैफी आजमी को 24वीं पुण्यतिथि पर डाक विभाग ने दी श्रद्धांजलि, जारी किया 'स्पेशल कवर'
महान शायर कैफी आजमी की 24वीं पुण्यतिथि पर मुंबई में डाक विभाग ने एक विशेष आवरण जारी कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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कैफी पर मुुंबई में डाक विभाग ने जारी किया विशेष आवरण

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जागरण संवाददाता, आजमगढ़। जिले के फूलपुर तहसील के मेजवा गांव में 14 जनवरी 1919 को जन्मे कैफी आजमी (सैयद अख्तर हुसैन रिजवी) ने बहुत कम उम्र में ही कविता लिखना शुरू कर दिया था और हिंदी सिनेमा के दिग्गज गीतकारों में से एक बन गए।
रविवार को महान शायर कैफी की 24वीं पुण्यतिथि पर मुंबई में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। डाक विभाग के पोस्ट मास्टर जनरल अमिताभ सिंह ने मशहूर शायरपर विशेष कवर जारी किया है। कैफी आजमी पर डाक विभाग द्वारा जारी विशेष कवर को लेकर उनके पैतृक गांव फूलपुर के मेजवां और जनपदवासियों ने डाक विभाग की सराहना की है।
कैफी आजमी की पुत्री मशहूर फिल्म अभिनेत्री व पूर्व राज्यसभा सदस्य शबाना आजमी ने जारी सूचना के माध्यम श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शायरी, संगीत और डाक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिला।

जी-5-ए वेयरहाउस लक्ष्मी मिल्स स्टेट शक्ति मिल्स लेन महालक्ष्मी वेस्ट मुंबई में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डाक विभाग महाराष्ट्र सर्किल द्वारा एक विशेष आवरण (स्पेशल कवर) के विमोचन से हुआ। जो कैफी आजमी की साहित्यिक विरासत को भारत के डाक इतिहास में सदा के लिए अंकित करने का एक गरिमापूर्ण प्रयास है।
शबाना आजमी ने बताया कि कवर विमोचन के बाद कैफी आजमी की शायरी को समर्पित फ़िल्म 'राग शायरी' का विशेष प्रदर्शन किया गया। इस अनुपम फिल्म में जावेद अख्तर ने कैफी की उर्दू नज्मों और उनके हिंदी अनुवाद को अपनी आवाज से जीवंत किया है।
शंकर महादेवन ने उनकी 13 अमर नज़्मों को संगीत दिया है और स्वयं गाया भी है। उस्ताद जाकिर हुसैन ने तबले पर और पूर्बायन चटर्जी ने सितार पर अपनी विलक्षण संगत दी है। फिल्म का निर्देशन फिरोज अब्बास खान ने किया है और प्रोडक्शन डिजाइन अनुराधा पारिख का है।
शबाना आजमी ने बताया कि यह कार्यक्रम मूल रूप से कैफी आजमी की 100वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर लाइव प्रस्तुत किया गया था। अब यह अद्वितीय कलात्मक श्रद्धांजलि फिल्म के रूप में दर्शकों तक पहुंच रही है, जिससे यह धरोहर आनेवाली पीढ़ियों के लिए भी जीवित रहे।
मुंबई के साथ-साथ इस पुण्यतिथि का स्मरण देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। अखिल भारतीय कैफी आजमी अकादमी लखनऊ ने उनके सम्मान में मुशायरे का आयोजन किया। मुंबई में इप्टा ने उनके नाम पर एक विशेष महोत्सव का आयोजन किया, जो प्रगतिशील कला और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी आजीवन प्रतिबद्धता को सच्ची श्रद्धांजलि है।
कैफी आजमी की शायरी ने इंकलाबों को भी आवाज दी और आम इंसान के दिल को भी छुआ। उनका सपना था कि उनका गांव मेजवां रोशन हो। शबाना आजमी के नेतृत्व में मेजवां वेलफेयर सोसाइटी आज भी उस सपने को ग्रामीण बालिकाओं और महिलाओं को शिक्षा, हुनर और सम्मान से जोड़कर साकार कर रही हैं।
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