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चढ़ावा चोरी: टिन्नू यादव का एक और करीबी SIT के रडार पर, 15 हजार की नौकरी से खरीदी 20 करोड़ की संपत्ति

Published: Wed, 15 Jul 2026 09:27 AM (IST)

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी को एक और संदिग्ध महेश कुमार के सबूत मिले हैं, जो मुख्य आरोपी टिन्नू का करीबी बताया जा रहा है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोपी टिन्नू यादव।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोपी टिन्नू यादव।

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संक्षेप में पढ़ें

लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को एक अन्य संदिग्ध कर्मी से जुड़े साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इसे मंदिर निर्माण से जुड़ी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का कर्मी बताया जा रहा है।

बस्ती जिले का मूल निवासी महेश कुमार चोरी मामले के आरोपित रामशंकर यादव टिन्नू के घर पर किराए पर रहता था। इसकी टिन्नू से खूब पटती भी थी और दोनों साथ में ही देखे जाते थे।

हालांकि इसकी गणना कक्ष में ड्यूटी नहीं थी, यह अकाउंट्स से जुड़ा कार्य और टेलीशीट बनाता है। इसकी सालभर में बेहिसाब संपत्तियां बढ़ी हैं।

सीएम योगी से की गई शिकायत

एसआईटी में शामिल सदस्य व लखनऊ के आईजी जोन किरण एस. व मुख्यमंत्री सहित अन्य सक्षम अधिकारियों के यहां महेश कुमार की भी संपत्तियों और इसकी भूमिका की जांच करने को लेकर शिकायत की गई है।

महेश के गांव इटवा, जिला बस्ती के ही एक व्यक्ति ने आइजी के पीआरओ मुकुल प्रकाश वर्मा के पास शिकायती पत्र भेजकर अचल संपत्तियों की खरीद से जुड़े साक्ष्य भी सौंपे हैं। शिकायतकर्ता ने एसआईटी से अपना नाम गोपनीय रखने का अनुरोध भी किया है।

फोटो

15 से 18 हजार रुपये ही महेश की सैलरी

शिकायत के अनुसार स्वयं को एलएंडटी का कर्मचारी बताने वाले महेश कुमार ने चढ़ावा चोरी उजागर होने के बाद ही 12 जून को अपने बगल के गांव गढ़हाराजा में छह बीघा जमीन 90 लाख रुपये की और पड़ोस के ही गांव बेनीपुर में गाटा संख्या 192 में 0.2540 हे. तथा गाटा संख्या 159 में 0.3760 हे. जमीन प्रति बिस्वा 12 लाख रुपये की दर से खरीदी है।

महेश ने ये भूखंड अपने भाई रमेश कुमार और अपनी पत्नी, भाई की पत्नी, बहन-बहनोई व भांजे के नाम पर खरीदे हैं। शिकायत के अनुसार भाई रमेश कुमार कोई नौकरी नहीं करता है, जबकि महेश कुमार को 15-18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है।

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साल भर में 20 करोड़ की खरीदी संपत्ति

आरोपों के अनुसार अपने गांव में स्वयं को ट्रस्ट का सदस्य बताने वाले महेश कुमार ने एक वर्ष के भीतर ही अयोध्या के दर्शननगर में और बस्ती, लखनऊ व प्रयागराज में करीब 20 अचल संपत्तियां खरीदी हैं। एसआईटी को इनके कागजात भी उपलब्ध कराए गए हैं।

सूत्रों का तो यह भी दावा है कि एसआईटी के एक सदस्य ने अपने लखनऊ स्थित कार्यालय में बुलाकर इससे पूछताछ भी की है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। उधर, महेश कुमार के बारे में एलएंडटी के परियोजना निदेशक विनोद कुमार मेहता का कहना है कि उनकी कंपनी में इस नाम व पते का कोई कर्मी कार्यरत नहीं था।

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ऐसे में यह माना जा रहा है कि महेश कुमार, एलएंडटी की उस सहयोगी कंपनी एलएंडटी जियो स्ट्रक्चर का कर्मी रहा है, जो मंदिर की नींव खोदाई के समय पाइलिंग का कार्य करने आई थी और इस कंपनी के कर्मी रामशंकर यादव टिन्नू के ही अयोध्या स्थित घर में किराए पर रहते थे। टिन्नू ने यह बात गिरफ्तारी से पहले मीडिया में दिए गए बयान में स्वीकार भी की थी।

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अंतिम जांच रिपोर्ट में बढ़ सकते हैं आरोपितों के नाम

एसआईटी चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब लगभग पूरी कर चुकी है। सरकार की ओर से तय समय सीमा के अनुसार इसे अपनी अंतिम रिपोर्ट 15 जुलाई को सौंपनी है, लेकिन यह अवधि दो-तीन दिन बढ़ सकती है।

बताया जा रहा है कि टीम के सदस्य एक दिन अयोध्या आयेंगे और कुछ अन्य लोगों के साथ ट्रस्ट के पूर्व व वर्तमान पदाधिकारियों के बयान फिर दर्ज करेंगे।

इसी के बाद शासन को अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट में कुछ अन्य आरोपितों को भी शामिल किए जाने की बात कही जा रही है। यह बैंक, ट्रस्ट और मंदिर से जुड़े लोगों के साथ सुरक्षा व गणना से संबंधित हो सकते हैं।

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