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योग्य ही रहेंगे मंदिर में, राम मंदिर ट्रस्ट कर्मचारियों की योग्यता और आय की करेगा जांच; बायोडाटा मांगा

Published: Mon, 21 Sep 2026 09:00 AM (IST)

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से अपने कर्मचारियों से बायोडाटा मांगा है। इसके माध्यम से कर्मचारियों ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. ट्रस्ट ने कर्मचारियों से बायोडाटा मांगकर योग्यता जांचने का निर्णय लिया

  2. पारदर्शिता लाने हेतु आय, पृष्ठभूमि और अर्हता का अध्ययन होगा

  3. अयोग्य कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी है

प्रवीण तिवारी, अयोध्या। राम मंदिर में सीईओ जितेंद्र मिश्र की तैनाती के बाद से वह यहां रुक कर भले ही अपने कार्य काे नियमित संपादित नहीं कर रहे, लेकिन इस पर उनकी पूरी दृष्टि है। कार्यों को पारदर्शी बनाने का प्रयास उन्होंने प्रारंभ कर दिया है। इसी कड़ी में ट्रस्ट ने अपने कर्मचारियों से बायोडाटा मांगा है।

सूत्र बताते हैं कि इसके जरिए ट्रस्ट कर्मचारियों की पारिवारिक स्थिति, आय, पृष्ठभूमि व अर्हता का अध्ययन करेगा। इसमें यह देखा जाएगा कि तैनात कर्मचारियों की अर्हता क्या है, वह प्राप्त पद के लिए उपयुक्त हैं या नहीं।

ये कर्मचारी दान काउंटर, यात्री सेवा केंद्र, सुविधा केंद्र, तीर्थक्षेत्र पुरम, तीर्थ क्षेत्र भवन आदि केंद्रों पर तैनात हैं। इसके अतिरिक्त रामघाट स्थित एकाउंट कार्यालय में कई कर्मचारी हैं।

बायोडाटा से कर्मचारियों की परखी जाएगी क्षमता

बायोडाटा संकलित होने के बाद कई कर्मचारियों को इधर से उधर करने और कई को बाहर का रास्ता दिखाए जाने की चर्चा है। अब योग्य व कुशल कर्मचारी ही मंदिर में रखे जाएंगे। हालांकि नए सीईओ की संस्तुति के बाद यह कार्रवाई होगी। उधर चढ़ावा चोरी के बाद राम मंदिर में दान काउंटर, गणना कक्ष, प्रवेश व निकासी, प्रसाद वितरण स्थल, सीसी कैमरों से परिसर की मानीटरिंग, भगवान की पूजा अर्चना की प्रक्रिया को लेकर काफी सतर्कता बरती जा रही है।

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अयोग्यता बनेगी छंटनी का आधार

एक कर्मचारी ने बताया कि ट्रस्ट ने कर्मचारियों से जुड़ी जानकारियों से युक्त बायोडाटा मांगा है। इसमें कर्मचारियों की शैक्षिक व पारिवारिक सूचनाएं हैं। ट्रस्टियों से तो संपर्क नहीं हो सका, लेकिन एक वरिष्ठ कर्मचारी ने बताया कि शुरू में कई कर्मचारियों को बिना प्रक्रिया के ही नियुक्त कर दिया गया था, बस, यही प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हां, अयोग्य कर्मियों की छंटनी भी हो सकती है।