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अयोध्या राम मंदिर वेबसाइट की सुरक्षा हुई फुलप्रूफ, अब लॉगिन के लिए 'टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' लागू

Published: Thu, 17 Sep 2026 09:19 AM (IST)

राम मंदिर की वेबसाइट की सुरक्षा को मजबूत करते हुए अब टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू कर दिया गया है।

डबल लेयर में हुई राम मंदिर ट्रस्ट वेबसाइट की सुरक्षा।

डबल लेयर में हुई राम मंदिर ट्रस्ट वेबसाइट की सुरक्षा।

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संक्षेप में पढ़ें

प्रवीण तिवारी, अयोध्या। राम मंदिर की वेबसाइट को सुरक्षा मानकों पर फुलप्रूफ कर दिया गया है। अब पास, दान के वेबसाइट खोलने के लिए कर्मचारियों को दोहरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।

पहले वेबसाइट (पोर्टल) सिर्फ पासवर्ड से लॉगिन होती रही, लेकिन अब इसके लिए दूसरे चरण की प्रकिया का अनुपालन अनिवार्य होगा। पासवर्ड से वेबसाइट पर लॉगिन करते टू-फैक्टर आथेंटिकेशन एप से आई ओटीपी की इंट्री करने पर ही वेबसाइट खुलेगी, जिसके बाद ही रामलला का दर्शन पास बनाया जा सकेगा।

पास काउंटरों पर कर्मचारियों ने प्रक्रिया का ट्रायल रूप से अनुपालन भी प्रारंभ कर दिया है, इसी के जरिए पास बनाया जा रहा है। इस बदली व्यवस्था से अब आसानी से पास के पोर्टल या फिर वेबसाइट नहीं खुल सकेगी, जिससे इसके हैक होने का खतरा बहुत कम हो गया है।

बीते दिनों वेबसाइट हुआ था हैक 

गत दिनों राम मंदिर की वेबसाइट हैक करने का मामला सामने आया तो चोरी से पास बनाकर बिक्री करने के प्रकरण को नए सिरे से हवा मिली। इस मोर्चे पर भी ट्रस्ट की नाकामी की चर्चा प्रारंभ ही हुई थी, तब तक ट्रस्ट ने तेजी से इसमें रिफॉर्म कर लिया। सुरक्षा के फीचर बढ़ाए।

यह सब चार से पांच दिन के भीतर हुआ। वेबसाइट के हैक होने की सूचना पर ही इंजीनियरिंग विभाग के ट्रस्ट अधिकारियों ने इसकी जानकारी ट्रस्टियों को देकर इसमें सुधार प्रारंभ किया। बदली प्रणाली में लागिन करने के लिए पासवर्ड का प्रयोग करते ही टू फैक्ट्रर अथेंटीकेशन एप के जरिए मिली ओटीपी की इंट्री अनिवार्य होगी।

वेबसाइट अब नहीं हो पाएगा हैक

सॉफ्टवेयर विशेषज्ञ गौरव सक्सेना बताते हैं कि इस तरह के बदलाव से साइबर सेंधमारी रोकी जाती है। मंदिर का यह कार्य टीसीएस कंपनी के जिम्मे है।

इनके बनाए गए सॉफ्टवेयर से ही नित्य दर्शन पास व आरती दर्शन बनाते हैं। साथ ही दर्जनभर प्वाइंट पर लगे डोनेशन काउंटरों पर दान की ऑनलाइन प्रक्रिया भी इस तरह संपन्न हो रही है। बदलाव की पुष्टि एक इससे जड़े ट्रस्ट के अधिकारी ने की। बताया कि अभी और बहुत रिफार्म होने हैं, जो भक्तों के लिए सुविधाजनक हैं।

कहां है रामनगर? जहां साउथ में बनने जा रहा राम मंदिर, भगवान राम के वनवास से  है कनेक्शन - Indian state Karnataka to built ram mandir in Ramanagara ntc -  AajTak

टू-फैक्टर आथेंटिकेशन का विवरण

टू-फैक्टर आथेंटिकेशन ऐप एक सुरक्षा एप है। इसके इसका प्रयोग ऑनलाइन अकाउंट्स को हैक होने से बचाता है। जब आप अपने अकाउंट में लॉगिन करते हैं, तो पासवर्ड डालने के बाद यह एप आपको एक सिक्योरिटी कोड देता है, जिसे डालने के बाद ही लागिन पूरा होता है।

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