राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद बैंक ने बढ़ाई सख्ती, गणना और ट्रस्ट कर्मी पहनने लगे अलग-अलग कपड़े
राम मंदिर की दानराशि गणना प्रक्रिया में चढ़ावा चोरी के बाद कई बदलाव किए गए हैं। अब कर्मचारियों के लिए ...और पढ़ें

अयोध्या राम मंदिर।
HighLights
चढ़ावा चोरी के बाद राम मंदिर दान गणना में बदलाव।
कर्मचारियों के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड और सख्त एसओपी लागू।
वित्तीय पारदर्शिता और सुरक्षा हेतु निगरानी बढ़ाई गई।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। चढ़ावा चोरी की घटना उजागर होने के बाद से राम मंदिर की दानराशि की गणना प्रक्रिया निरंतर बदलावों के दौर से गुजर रही है। एसआइटी की जांच में अनियमितता सामने आने के बाद मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का तो अक्षरशः पालन होने ही लगा था, अब विशिष्ट पहचान के लिए कर्मचारियों के लिए अलग अलग ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है।
बैंक की तरफ से गणना करने वाले कर्मचारी आसमानी शर्ट व काली पैंट, तो एजेंसी के कर्मी नारंगी (भगवा) रंग की शर्ट व काली पैंट पहनने लगे हैं, जबकि ट्रस्ट की तरफ से गणना में संलग्न कर्मी सफेद शर्ट व काली पैंट पहन रहे हैं। हालांकि पर्यवेक्षण कर रहे भूतपूर्व सैनिकों के लिए कोई बाध्यता नहीं रखी गई है। इन कर्मियों को निर्धारित रंग के कपड़े भारतीय स्टेट बैंक की ओर से प्रदान किए गए हैं।
जून माह में चढ़ावा चोरी सामने आने के बाद जांच में यह मिला था कि दान में आने वाली नकदी की गणना के दौरान किसी एसओपी का पालन नहीं कराया जा रहा था। ट्रस्ट व बैंक के मध्य एसओपी तय किए जाने के बाद भी अनुपालन न होने पर सवाल उठे थे। उसके बाद से अब वित्तीय पारदर्शिता के लिए कई बदलाव कर दिए गए हैं। एसओपी में निर्धारित मानदंडों का पूर्णतः पालन कराया जा रहा है।
कर्मचारियों की प्रवेश व निकास के समय सघन तलाशी के साथ मोबाइल व निजी सामान प्रतिबंधित किया गया है और गणना के दौरान आपसी बातचीत भी निषिद्ध की गई है। निगरानी बढ़ाने के लिए सीसी कैमरों की संख्या पहले ही बढ़ाई जा चुकी है और कंट्रोल रूम का एक्सेस पुलिस टीम को भी दे दिया गया था।
ट्रस्ट ने तीन भूतपूर्व सैनिकों को गणना से जोड़कर पर्यवेक्षण भी पूर्व की अपेक्षा सुदृढ़ कर दिया है। गणना में संलग्न रहे सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज एजेंसी के कुछ कर्मियों के कम छोड़ने के बाद बैंक अपने नियमित कर्मियों से गणना करवा रहा है। अभी दोनों पालियों में 25 से 30 कर्मी ही सम्मिलित हो रहे हैं।
जल्द ही बैंक की तरफ से कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही कुछ नए निर्णय भी लिए जाएंगे। बताया जा रहा है कि नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जितेंद्र मिश्र के स्थायी रूप से कार्यालय में बैठने के उपरांत वित्तीय पारदर्शिता के लिए और बदलाव किए जाएंगे। तीन दिन पूर्व सीईओ ने गणना कक्ष का निरीक्षण कर गणना प्रक्रिया की भी विस्तृत जानकारी ली थी। उनके शुक्रवार तक अयोध्या आ जाने की संभावना है।
