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राम मंदिर निर्माण के लिए आए चंदे का डाटा बेस होगा तैयार, ट्रस्ट ने लागू की नई व्यवस्था

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Thu, 05 Nov 2026 01:55 AM (IST)

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट राम मंदिर निर्माण में सहयोग करने वाले रामभक्तों का डेटाबेस तैयार करेगा। महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. राम मंदिर निर्माण सहयोगियों का डेटाबेस होगा तैयार।

  2. ट्रस्ट महासचिव ने मांगी रामभक्तों की संपर्क जानकारी।

  3. भविष्य में सहयोगियों से संपर्क बनाए रखना उद्देश्य।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। जन्मभूमि पर बने राम मंदिर के निर्माण में किसी भी रूप में सहयोग देने वाले रामभक्तों का डाटा बेस तैयार किया जाएगा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि ने दीपावली पर सहयोगियों को शुभकामना संदेश भेजकर उनसे नाम, वर्तमान पूरा पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल साझा करने का अनुरोध किया है।

संदेश के साथ भेजे गए लिंक पर यह विवरण दर्ज करना होगा।ट्रस्ट की इस पहल का उद्देश्य भविष्य में भी सहयोगी रामभक्तों से संपर्क बनाए रखना है। ट्रस्ट के पास सभी सहयोगियों का रिकार्ड सुरक्षित है, लेकिन कई लोगों के ई-मेल, पते और मोबाइल नंबर बदल चुके हो सकते हैं।

नौ नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद मंदिर निर्माण में भक्तों ने कई तरह से सहयोग दिया। अधिकांश ने 44 दिनों तक चले निधि समर्पण अभियान में सामर्थ्य के अनुसार नकद राशि दी।

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कुछ लोगों ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय फूलों की निशुल्क आपूर्ति की, भंडारा चलाया, प्रार्थना की, अनुष्ठान किए, श्रमदान दिया या पत्थरों पर निशुल्क नक्काशी की। मंदिर आंदोलन में लोगों ने कारसेवा और अथक संघर्ष किया, जबकि कुछ ने अपने प्राणों का उत्सर्ग भी किया।

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