लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर 6 अंडरपास के निर्माण की मिली मंजूरी, जाम की समस्या होगी दूर
अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर 6 अंडरपास के निर्माण को मंजूरी मिल गई है, जिससे सड़क पार करने वाले लोगों को राहत मिलेगी।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर 6 अंडरपास स्वीकृत।
पूर्व सांसद लल्लू सिंह के प्रयासों से मंजूरी।
सुरक्षित आवागमन, दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
संवाद सूत्र, रुदौली (अयोध्या)। अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-27) पर जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने की मजबूरी झेल रहे लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। पूर्व सांसद लल्लू सिंह के प्रयासों के बाद राजमार्ग पर छह स्थानों पर अंडरपास निर्माण को स्वीकृति मिली है। इनमें रुदौली क्षेत्र के रानीमऊ, भेलसर और कूढ़ा सादात शामिल हैं।
अंडरपास बनने से हाईवे के दोनों ओर बसे गांवों के लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।
पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने 30 जुलाई 2023 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर भिटरिया, रानीमऊ, कूढ़ा-सादात, भेलसर, सत्तीचौरा और अरकुना में अंडरपास निर्माण की मांग की थी।
उन्होंने पत्र में इन स्थानों पर सड़क पार करने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और स्थानीय लोगों की परेशानियों का उल्लेख किया था। अब छह स्थानों पर अंडरपास की स्वीकृति मिलने से लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है।
रानीमऊ चौराहा क्षेत्र का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। यहां बाजार के साथ तीन इंटर कॉलेज होने से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, व्यापारियों और ग्रामीणों का आवागमन होता है।
तेज रफ्तार वाहनों के बीच हाईवे पार करना लोगों के लिए जोखिम भरा रहता है। अंडरपास बनने से विद्यार्थियों और राहगीरों को सुरक्षित रास्ता मिलने की उम्मीद है। भेलसर और कूढ़ा-सादात में भी अंडरपास बनने से आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी।
पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष शिवगोविंद पांडेय ने इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अंडरपास बनने से विद्यार्थियों, व्यापारियों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।
पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इन स्थानों पर अंडरपास स्थानीय लोगों की प्रमुख आवश्यकता थी। इससे आवागमन सुगम होगा और दुर्घटनाओं का खतरा कम करने में मदद मिलेगी।
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