स्टेडियम में एथलीटों के बीच 'दंगल': मेरठ में महिला कोच और खिलाड़ियों के सामने चले लात-घूंसे
Meerut News: कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है, जिससे ...और पढ़ें
HighLights
कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में दो दिन में दो बार विवाद, सुरक्षा पर उठे सवाल।
सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करने की हुई मांग।
जागरण संवाददाता, मेरठ। कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में एथलेटिक्स का अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के बीच आपसी विवाद अब मारपीट तक पहुंच गया है। पिछले दो दिनों में खिलाड़ियों के बीच दो बार झड़प होने की बात सामने आई है। एक विवाद में खिलाड़ियों के बीच घूंसे चलने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।
बताया गया कि घटना के दौरान महिला कोच और महिला खिलाड़ी भी मौजूद थीं। विवाद का वीडियो वायरल हो रहा है। लगातार हो रही घटनाओं ने स्टेडियम में अभ्यास की व्यवस्था और खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को खिलाड़ियों के बीच विवाद की वजह एक-दूसरे की ओर देखकर हंसने को लेकर हुई कहासुनी बताई गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में बहस बढ़ गई और मामला झड़प तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद कोच विशाल सक्सेना और गौरव त्यागी ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग कराया। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों को मैदान से जाने के लिए कह दिया गया। हालांकि विवाद के संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं हुई है।
अलग-अलग समय पर अभ्यास कराने की उठी मांग
स्टेडियम में सीनियर खिलाड़ियों, राष्ट्रीय स्तर के एथलीटों, जूनियर खिलाड़ियों और भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के एक साथ अभ्यास करने से व्यवस्था प्रभावित होने की बात कही जा रही है। जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव अनु कुमार का कहना है कि खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया जाना चाहिए।
सीनियर और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के अभ्यास का समय अलग हो, जबकि छोटे बच्चों और अन्य खिलाड़ियों के लिए अलग समय तय किया जाए। इससे मैदान में भीड़ कम होगी और खिलाड़ियों के बीच टकराव की आशंका घटेगी।
अनु कुमार ने सभी संबंधित लोगों की सहमति से समय-सारिणी बनाने की जरूरत बताई। उनका कहना है कि जब सभी कोच और खिलाड़ी मिलकर अभ्यास का समय तय करेंगे, तभी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। हर कोच को अपने खिलाड़ियों को निर्धारित समय पर ही स्टेडियम बुलाने के निर्देश देने होंगे।
आपसी प्रतिस्पर्धा में बढ़ रही तल्खी
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र यादव का कहना है कि एथलेटिक्स से जुड़े लोगों के बीच खिलाड़ियों को लेकर आपसी खींचतान और एक-दूसरे को नीचा दिखाने की प्रवृत्ति नहीं होनी चाहिए। खिलाड़ियों और कोचों के बीच प्रतिस्पर्धा का आधार प्रदर्शन होना चाहिए, न कि आपसी विवाद। खेल मैदान पर अनुशासन और सम्मान बनाए रखना जरूरी है, ताकि युवा खिलाड़ी सकारात्मक माहौल में अभ्यास कर सकें।
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल
लगातार विवाद होने के बाद स्टेडियम में खिलाड़ियों की पहचान, प्रवेश व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अभ्यास करने वालों की पहचान सुनिश्चित करने के साथ ही मैदान में अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। विशेष रूप से छोटे बच्चों के अभ्यास के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों और कोचों की मौजूदगी जरूरी है।
