एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने तक कृष्ण मोहन राम होंगे अंतरिम महासचिव, दोषियों पर कठोर कार्रवाई के पक्षधर
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि जब तक नए महासचिव की नियुक्ति नहीं ...और पढ़ें

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन
HighLights
तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक 22 को, तय होगी आगे की रणनीति
हरदोई के कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा से सेवानिवृत अधिकारी
डिजिटल डेस्क, अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर के मंदिरों से चढ़ावा चोरी प्रकरण में सोमवार को चंपतराय और अनिल मिश्रा का त्यागपत्र स्वीकार करने के साथ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आगे का कदम भी बढ़ा दिया है। ट्रस्ट ने सदस्य कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया है।
मूलत: उत्तर प्रदेश के हरदोई के कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा से सेवानिवृत अधिकारी हैं। उन्होंने भी राम मंदिर से चढ़ावा चोरी के आरोपितों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई पर सहमति जताई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि जब तक नए महासचिव की नियुक्ति नहीं होती है तब तक मैं इस पद का निर्वहन करूंगा।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर से हुई चोरी में जो भी दोषी हैं उन पर कठोर कार्रवाई हो। इस प्रकरण में जो भी हुआ है उस से हम सभी लोग आहत हैं। उन्होंने कहा कि प्रबंधन और संचालन में कुछ कमियां थी। जिसके कारण हमारी छवि धूमिल हुई है, हम अब उसे ठीक करेंगे। उन्होंने कहा कि राम भक्तों को भारी कष्ट हुआ है। हम सभी अपराधियों को सजा दिलाएंगे। चोरी की घटना से सभी आहत हैं। उन्होंने कहा कि हम ट्रस्ट के प्रबंधन और संचालन में जो भी कमी होगी, उसको देखेंगे। ट्रस्ट की सारी कमियों को दूर करेंगे।
कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद अनुसूचित जाति वर्ग के कृष्ण मोहन को ट्रस्ट में सदस्य बनाया गया था। भारतीय वन सेवा के अधिकारी रहे कृष्ण मोहन ने ही राम जन्मभूमि थाना में राम मंदिर से चढ़ावा चोरी प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराया था। कृष्ण मोहन पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के आरएसएस के क्षेत्र संघ चालक भी हैं।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन हरदोई के शाहाबाद क्षेत्र के चंद्रपुर गांव के रहने वाले हैं। वह भारतीय वन सेवा में महाराष्ट्र कैडर के अधिकारी रहे हैं। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी के तौर पर भी काम किया है, जिससे उन्हें संगठनात्मक नेतृत्व और लोगों तक पहुंच बनाने का काफी अनुभव मिला।
कृष्णमोहन ने 1970 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से एमएससी किया था। वह पांच-छह वर्षों तक वह एटामिक एनर्जी पर रिसर्च की दिशा में सक्रिय रहे। इसके बाद 1978 में वह भारतीय वन सेवा में महाराष्ट्र काडर के लिए चयनित हुए। वर्ष 2012 में सेवानिवृत्ति के बाद से वह वापस हरदोई लौटे और तब से वह सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पित हैं।
#WATCH | Ayodhya, Uttar Pradesh: Swami Govind Dev Giri Ji Maharaj, Treasurer of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, displays ornaments of Shri Ram Janmbhoomi Temple. pic.twitter.com/j3o0HQodk3
— ANI (@ANI) July 6, 2026
