यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ayodhya Ram Mandir: रामलला के दर्शन करने वालों की बढ़ रही संख्या, मौनी अमावस्या पर लगेगा श्रद्धालुओं का रेला
Ayodhya Ram Mandir रामनगरी में आस्था का ज्वार अनवरत उमड़ रहा है। प्रतिदिन औसतन ढाई लाख या उससे अधिक लोग ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, अयोध्या। रामनगरी में आस्था का ज्वार अनवरत उमड़ रहा है। अयोध्या रामनगरी आस्था के शिखर का आलिंगन कर चहक रही है। विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे थे कि राम मंदिर के निर्माण और रामलला के विग्रह की प्रतिष्ठा के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तीन से पांच गुणा तक बढ़ जाएगी, किंतु गत पखवारे का अनुभव बताता है कि यह संख्या दस गुणा तक बढ़ गई है। नवनिर्मित और भव्य मंदिर में रामलला की प्रतिष्ठापना के बाद से रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या 35 से 40 लाख तक जा पहुंची।
प्रतिदिन औसतन ढाई लाख या उससे अधिक लोग रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। जबकि रामलला की प्रतिष्ठापना से पूर्व यह संख्या 20 से 25 हजार तक थी। बुधवार को भी यह आरोह राम मंदिर और रामजन्मभूमि पथ से लेकर संपूर्ण रामनगरी के परिदृश्य से प्रतिपादित हुआ। रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी-अपनी विधा और क्षेत्र के शीर्ष पर विराजे साढ़े छह हजार अतिथि ही शामिल हुए थे और उन्हें ही रामलला के दर्शन का अवसर मिला, किंतु अगले दिन यानी 23 जनवरी से आस्था का ज्वार उमड़ा।
रामलला के दरबार में लोग टेक रहे मत्था
आस्था के आगे सारी व्यवस्था बौनी सिद्ध हुई। उस दिन तो रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या पांच लाख तक जा पहुंची। समझा गया कि एक-दो दिन के बाद से दर्शनार्थियों की संख्या सामान्य होगी, किंतु 15 दिन से अधिक हो गए और रामलला के दर्शनार्थियों का ज्वार नित्य उमड़ रहा है। बुधवार को भी रामलला आस्था के ज्वार से अभिषिक्त हो रहे थे। दर्शनार्थियों की अंतिम संख्या की गणना तो रात 10 बजे दर्शन बंद होने तक होगी, किंतु दर्शनार्थियों के प्रवाह को ध्यान में रखकर रामजन्मभूमि परिसर से जुड़े एक सुरक्षा अधिकारी बुधवार को भी यह संख्या दो लाख तक पहुंचने का अनुमान व्यक्त करते हैं।
मौनी अमावस्या को उमड़ेंगे श्रद्धालु
बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार के दिन अपेक्षाकृत कम श्रद्धालुओं के आने की प्रवृत्ति देखी जाती है और यदि इन दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या दो लाख तक पहुंच रही है, तो मंगलवार, शनिवार एवं रविवार को यह संख्या तीन लाख का स्पर्श करे, तो आश्चर्य नहीं। नौ फरवरी को मौनी अमावस्या, 24 फरवरी को माघ पूर्णिमा और 17 अप्रैल को रामनवमी जैसे अहम पर्वों पर तो दर्शनार्थियों की संख्या पांच लाख से 10 लाख तक पहुंचने का आंकलन किया जा रहा है। यह अनुमान आस्था के महाकुंभ की भव्य संभावना से अभिभूत करने के साथ रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के माथे पर लकीर भी पैदा करने वाला है।
सुरक्षा के हैं पुख्ता इंतजाम
रामलला के प्रधान अर्चक आचार्य सत्येंद्रदास कहते हैं, हम 23 जनवरी को पांच लाख श्रद्धालु आने के अनुभव से गुजर चुके हैं, किंतु इससे डेढ़ या दो गुणा और अधिक श्रद्धालु आने का अनुमान विचलित करने वाला है और इसके लिए तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ही नहीं पुलिस एवं प्रशासनिक तंत्र की भी ओर से व्यापक प्रबंध अपेक्षित है।
