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UP में अब पर्ची से पहले गन्ना किसान घर बैठे देख सकेंगे सट्टा-कैलेंडर, एप पर मिलेगी पूरी जानकारी

By Nafees Edited By: Vivek Shukla
Published: Thu, 17 Sep 2026 09:48 AM (IST)

गन्ना किसानों को अब पेराई सत्र शुरू होने से पहले अपने गन्ने के रकबे, अनुमानित उत्पादन और संभावित आपूर्ति पर्चियों ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. किसान अब ऑनलाइन देख सकेंगे गन्ने का रकबा और उत्पादन।

  2. केनयूपी.इन पोर्टल और ई-गन्ना ऐप पर मिलेगी पूरी जानकारी।

  3. पेराई सत्र से पहले आपूर्ति पर्चियों की तैयारी कर सकेंगे किसान।

नफीस खां, रुदौली (अयोध्या)। गन्ना किसानों को अब पेराई सत्र शुरू होने का इंतजार करते हुए पर्ची और आपूर्ति को लेकर असमंजस में नहीं रहना पड़ेगा। खेत में खड़ा गन्ना मिल तक पहुंचने से पहले ही किसान अपने रकबे, अनुमानित उत्पादन और संभावित आपूर्ति पर्चियों का ब्योरा आनलाइन देख सकेंगे। गन्ना विभाग अंतिम कैलेंडर तैयार कर रहा है, जिसे चीनी मिलों के संचालन से पहले केनयूपी.इन पोर्टल पर आनलाइन किया जाएगा।

इससे किसान पहले से गन्ना कटाई और आपूर्ति की तैयारी कर सकेंगे। रुदौली तहसील क्षेत्र में गन्ना सर्वे का कार्य भी 31 अगस्त तक पूरा हो चुका है। किसानवार आंकड़े पोर्टल पर दर्ज किए जा रहे हैं। सर्वे के अनुसार इस बार क्षेत्र में गन्ने का रकबा 11,768 हेक्टेयर है, जबकि पिछले वर्ष यह 12,376 हेक्टेयर था। यानी एक वर्ष में गन्ने का रकबा 608 हेक्टेयर कम हुआ है। इसके बावजूद पिछले वर्ष खरीदे गए 34 लाख क्विंटल गन्ने की तुलना में इस बार 42 लाख क्विंटल खरीद का लक्ष्य रखा गया है। करीब 23,976 किसानों के लिए तौल आपूर्ति पर्चियां तैयार की जाएंगी।

अंतिम कैलेंडर जारी करने से पहले विभाग प्री-कैलेंडर तैयार कर रहा है। इसमें किसान के नाम दर्ज रकबा, अनुमानित उत्पादन और संभावित पर्चियों का विवरण उपलब्ध रहेगा। इसे 5 सितंबर तक किसानों के सामने प्रदर्शित किया जा चुका है। वहीं सट्टा प्रदर्शन मेला के माध्यम से किसानों को उनके आंकड़ों की जानकारी भी 16 सितंबर को जा चुकी है। यदि किसी किसान के रकबे, उत्पादन या पर्ची संबंधी विवरण में गड़बड़ी मिलती है तो उसे संशोधन कराने का अवसर मिलेगा।

समितियों में आयोजित किसान मेलों में आपत्तियां दर्ज कर उनका निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद संशोधित आंकड़ों के आधार पर अंतिम कैलेंडर जारी होगा। रौजागांव चीनी मिल का पेराई सत्र 11 नवंबर के आसपास शुरू होने की संभावना है। गन्ना आपूर्ति की पर्चियां पेराई शुरू होने से करीब 15 दिन पहले जारी होने लगेंगी। पर्ची जारी होने की सूचना किसान के मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी।

किसान ई-गन्ना एप पर अपना कोड डालकर पर्चियों की संख्या और कैलेंडर देख सकेंगे। जिन किसानों को कोड की जानकारी नहीं है, वे अपना नाम और गांव दर्ज करके भी कैलेंडर देख सकते हैं। इससे किसानों को पहले से पता रहेगा कि गन्ने की कटाई कब करनी है और मिल तक आपूर्ति के लिए किस समय तैयारी करनी है।

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सहकारी गन्ना विकास समिति गनौली के सचिव अनिल कुमार ने बताया कि रुदौली तहसील क्षेत्र में 269 राजस्व ग्राम हैं, जबकि गन्ना विभाग के अभिलेखों में कुल 272 गन्ना ग्राम दर्ज हैं। इनमें सात गन्ना ग्राम ऐसे हैं, जहां इस बार गन्ने की फसल नहीं है। वर्तमान में क्षेत्र में 265 गन्ना ग्राम सक्रिय हैं।

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