अयोध्या में 90 करोड़ की लागत से होगा रामकथा संग्रहालय की दीर्घाओं का विकास, जारी होगा टेंडर
अयोध्या में सरयू तट स्थित अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय का 90 करोड़ की लागत से उच्चीकरण किया जा रहा है। इसमें ...और पढ़ें

90 करोड़ की लागत से होगा रामकथा संग्रहालय की दीर्घाओं का विकास।
HighLights
रामकथा संग्रहालय का 90 करोड़ की लागत से उच्चीकरण।
20 नई दीर्घाएं, 7D तकनीक से रामकथा का प्रदर्शन।
रामजन्मभूमि संघर्ष और पुरातात्विक अवशेषों का संरक्षण।
संवाद सूत्र, अयोध्या। सरयू तट स्थित अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय को श्रेष्ठतम सांस्कृतिक नगरी की गरिमा के अनुरूप उच्चीकृत किया जा रहा है। न केवल सवा दशक पूर्व निर्मित संग्रहालय के इंडो-यूरोपियन शैली के भवन को विशुद्ध भारतीय स्थापत्य शैली के प्रतिनिधि भवन में रूपांतरित किया गया है, बल्कि संग्रहालय की नवनिर्मित 20 दीर्घाएं का 90 करोड़ की लागत से विकास किया जाएगा।
यह जानकारी राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने साझा की। वह संग्रहालय के उच्चीकरण की समीक्षा के लिए होने वाली निर्माण समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
मिश्र ने बताया कि अगले सप्ताह डीपीआर तैयार कर लिया जाएगा और 15 दिनों में टेंडर जारी करने की योजना है। योजना के अनुसार टेंडर जारी होने के बाद सभी गैलरियों का काम एक साथ शुरू होगा। काम छह में पूरा किया जाना अपेक्षित है।
संग्रहालय में भगवान श्रीराम की वंशावली से लेकर उनकी सुदीर्घ गाथा प्रदर्शित की जाएगी। एक दीर्घा रामजन्मभूमि मुक्ति के पांच सौ वर्ष लंबे संघर्ष के विवरण और कानूनी लड़ाई में निर्णायक सिद्ध हुए अभिलेखों के प्रति समर्पित होगा।
एक अन्य दीर्घा में रामजन्मभूमि के पुरातात्विक उत्खनन में मिले पुरातात्विक अवशेषों के संरक्षण-प्रदर्शन की योजना है। इसमें एक दीर्घा सेवेन डी तकनीक के आधार पर विकसित की जाएगी और यह दुनिया की पहली दीर्घा होगी।
इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने 21 करोड़ के बजट का अलग से प्रविधान किया है। दीर्घाओं में रामकथा की वैश्विक व्याप्ति, उनके युग की अयोध्या तथा उनसे जुड़े अन्य स्थलों तथा प्रसंगों को तकनीक के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।
संग्रहालय में श्रीराम के जीवन के अनुरूप सामाजिक समरसता का संदेश भी दिखेगा, भगवान श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप और उनके आदर्शों को तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।
एक विशेष दीर्घा में रामलला के दर्शन का आभासीय अनुभव कराया जाएगा। एक दीर्घा बजरंगबली के प्रति समर्पित होगी। बैठक में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव स्वामी गाेविंददेव गिरि एवं संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
