अयोध्या राम मंदिर: रामलला की दर्शनावधि में 1 नवंबर से बदलाव, दिनचर्या बदलने से अब 13 घंटे ही होंगे दर्शन
राम मंदिर में रामलला के दर्शन का समय 1 नवंबर से बदल जाएगा, जिससे भक्तों को अब 14.5 घंटे के बजाय 13 घंटे ही दर्शन मिल पाएंगे।

HighLights
1 नवंबर से रामलला के दर्शन 13 घंटे होंगे।
सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक मंदिर खुला।
दोपहर की बंदी अब एक घंटे की होगी।
लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। मौसम सर्द होने के साथ ही राम मंदिर की दिनचर्या भी बदलने जा रही है। इससे रामलला के शयन की अवधि तो बढ़ेगी, परंतु दर्शन की अवधि लगभग डेढ़ घंटे तक घट जाएगी। अभी भक्तों को साढ़े 14 घंटे तक रामलला के दर्शन सुलभ हो रहे हैं, तो एक नवंबर से उन्हें 13 घंटे ही दर्शन मिल पाएगा।
ऐसे में प्रदेश व देश के विभिन्न हिस्सों से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को नई दिनचर्या के अनुसार अपने आगमन और दर्शन की योजना बनानी पड़ेगी। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के निर्णयानुसार यह बदलाव एक नवंबर की सुबह सात बजे दर्शन प्रारंभ होने पर ही लागू हो जाएंगे।
ऋतु परिवर्तन के साथ दिनचर्या में बदलाव
ट्रस्ट की ओर से प्रतिवर्ष ऋतु परिवर्तन के साथ दिनचर्या में बदलाव किया जाता है। इस वर्ष ट्रस्ट ने धार्मिक समिति की संस्तुति पर रामलला की शयनावधि भी लगभग आधे घंटे बढ़ाई है। पहले दिनचर्या बदलने पर भी दोपहर में आधे घंटे बंदी होती थी, इस बार इसे एक घंटे कर दिया गया। इस कारण दोपहर में भी दर्शनावधि आधे घंटे कम हो गई है।
एक नवंबर से नई व्यवस्था लागू होने पर सुबह 3:45 के बजाय 4:00 बजे पट खुलेंगे, तो प्रात: साढ़े चार बजे मंगला आरती से दिनचर्या प्रारंभ होगी। अभी यह आरती प्रात: चार बजे हो रही। स्नान, श्रृंगार व भोग आदि के बाद फिर सुबह साढ़े छह बजे श्रृंगार आरती होगी। अभी यह आरती सुबह छह बजे हो रही है। इसी आरती के बाद एक नवंबर से सुबह साढ़े छह बजे के बजाय सात बजे से दर्शन प्रारंभ होगा।
दोपहर 12:30 बजे तक निर्बाध दर्शन
सुबह सात बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्बाध दर्शन चलता रहेगा। दोपहर में 12:30 से 1:30 बजे पट बंद रहने के कारण दर्शन नहीं होगा। अभी यह बंदी केवल आधे घंटे (12:30-1.00 बजे) हो रही है।
रात्रि में जो शयन आरती अभी दस बजे कराई जा रही और दर्शन साढ़े नौ बजे तक चल रहा, वह आरती रात्रि साढ़े नौ बजे होगी और दर्शन नौ बजे तक चलेगा। इस प्रकार रविवार से रामलला के दर्शन साढ़े 14 घंटे के स्थान पर 13 घंटे हो सकेंगे और आराध्य के विश्राम व शयन की अवधि दिन-रात मिलाकर एक घंटे से अधिक बढ़ जाएगी।
