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अयोध्या में हृदय रोगियों के लिए बड़ी चुनौती, बिना कार्डियोलॉजिस्ट के चल रहा राजर्षि मेडिकल कॉलेज

Published: Wed, 04 Nov 2026 05:54 PM (IST)

अयोध्या के राजर्षि मेडिकल कॉलेज ने अपनी इकलौती कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्वाति शर्मा को सेवानिवृत्त हो गई हैं, जिससे दीपोत्सव से ...और पढ़ें

जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में अब कोई हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में अब कोई हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

HighLights

  1. राजर्षि मेडिकल कॉलेज ने इकलौती कार्डियोलॉजिस्ट खोई।

  2. दीपोत्सव से पहले हृदय रोगियों की बढ़ी चिंता।

  3. अयोध्या में अब कोई सरकारी कार्डियोलॉजिस्ट नहीं।

संवाद सूत्र, अयोध्या। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे राजर्षि मेडिकल कालेज की परेशानी कम होती नहीं दिख रही। अब मेडिसिन विभाग के अंतर्गत संविदा असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर तैनात रहीं इकलौती कार्डियोलाजिस्ट डॉ. स्वाती शर्मा की सेवा समाप्त हो गई। यह कार्रवाई तब हुई, जब दीपोत्सव की तैयारी में मेडिकल कालेज प्रशासन लगा हुआ है।

कार्डियोलाजिस्ट का पद समाप्त हो जाने से दीपोत्सव में शामिल होने वाले अतिथियों की सेहत का ख्याल रखना कठिन दिख रहा। वहीं प्रत्येक दिन ओपीडी में आने वाले हृदय रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अब आनन-फानन में प्राचार्य की ओर से समस्या के समाधान को लेकर नये सिरे से एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए तैयारी आरंभ की गई है। मेडिकल कालेज में कुछ वर्ष पहले मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट पद पर कार्डियोलाजिस्ट डा. स्वाती शर्मा की तैनाती हुई थी।

वह रोगियों की इको जांच से लेकर उपचार कर राहत देती रहीं, लेकिन करीब एक माह पहले उसी विभाग में स्थायी तौर पर डा. शशिकांत वर्मा की तैनाती आयोग से हुई है, जिससे संविदा का पद स्वत: समाप्त हो गया और डा. स्वाती को हटना पड़ा। उनके अस्पताल से जाने के बाद जिले में अब किसी भी सरकारी अस्पताल में कार्डियोलाजिस्ट की तैनाती नहीं है। इस कारण हृदय रोगियों को फिजीशियन के सहारे ही रहना मजबूरी बन गई है।

जिला अस्पताल में फिजीशियन भी नहीं

जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ तो दूर, यहां फिजीशियन तक नहीं हैं। ऐसे में रोगियों को चेस्ट फिजीशियन, बाल रोग और मानसिक रोग विशेषज्ञ उपचार कर रहे। वहीं गंभीर रोगियों को रेफर किया जा रहा है।

प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मार्तोलिया ने बताया कि डा. स्वाती शर्मा के पद को लेकर वार्ता चल रही है। असिस्टेंट पद और पदोन्नति दोनों पर विचार-विमर्श चल रहा है। इसमें अतिशीघ्र फैसला ले लिया जाएगा, जिससे रोगियों को उपचार में समस्या का सामना न करना पड़े।

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