अयोध्या का 10वां दीपोत्सव: पहली बार विदेशी रामलीला के साथ स्थानीय रामलीला का भी होगा मंचन
अयोध्या के 10वें दीपोत्सव में पहली बार विदेशी रामलीलाओं के साथ स्थानीय रामलीला का भी मंचन होगा।

अयोध्या दीपोत्सव। (तस्वीर- फाइल)
HighLights
10वें दीपोत्सव में अयोध्या की रामलीला शामिल होगी।
सीएम योगी ने स्थानीय मंडलियों को आमंत्रित करने का निर्देश दिया।
स्थानीय मंडलियां विदेशी प्रस्तुतियों से नई तकनीक सीखेंगी।
रमाशरण अवस्थी, अयोध्या। दीपोत्सव के 10वें संस्करण में विदेशी रामलीलाओं के साथ ही अयोध्या की भी रामलीला होगी। अभी तक विदेशी रामलीलाओं को ही वरीयता मिलती रही है।
इस बार भी दीपोत्सव में पांच देशों दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकार अपनी-अपनी परंपराओं और शैली में रामकथा का मंचन करेंगे। फिलीपींस, थाईलैंड और रूस के कलाकारों की भागीदारी कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
सोमवार को दीपोत्सव की तैयारियां परखने आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अयोध्या की रामलीला का भी मंचन दीपोत्सव के मंच पर कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही रामनगरी की रामलीला करने वाली सभी मंडलियों को रामलीला देखने के लिए आमंत्रित करने का निर्देश दिया।
इसके पीछे उद्देश्य यह है कि स्थानीय रामलीला मंडलियां विदेश की रामलीलाओं से सीखें और उनकी तकनीक डिजाइन व प्रस्तुति से अवगत हो सकें।
इतना ही नहीं, इस बार प्रसंग के अनुरूप म्यूजिक व चौपाई भी प्रस्तुति करने के निर्देश सीएम योगी ने दिये। अयोध्या शोध संस्थान में रामलीला की 63 व भजन की 10 मंडलियां पंजीकृत है। सीएम के आदेश के बाद अब इन सबको भी निमंत्रण मिलेगा।
अयोध्या की सांस्कृतिक पहचा
न को दुनिया तक पहुंचाने के प्रयासों से दीपोत्सव ने पिछले एक दशक में नया विस्तार पाया है।
दसवां आयोजन इस यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। स्थानीय रामलीला को शामिल करने से अयोध्या दीपोत्सव का यह मंच आस्था के साथ कला और संस्कृति के मेल का अवसर बनेगा।
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