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अयोध्या दीपोत्सव में 30 लाख दीपों से जगमगाया सरयू तट, उपराष्ट्रपति ने सीएम योगी को बताया ‘हिंदू हृदय सम्राट’

Published: Sat, 07 Nov 2026 10:26 PM (IST)

अयोध्या में दसवें दीपोत्सव पर सरयू तट 30 लाख से अधिक दीपों से जगमगा उठा, जिसमें उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए।

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HighLights

  1. 30 लाख से अधिक दीपों से सरयू तट जगमगाया।

  2. उपराष्ट्रपति ने सीएम योगी को 'हिंदू हृदय सम्राट' कहा।

  3. 2100 ड्रोन शो ने रामायण के प्रसंगों का मंचन किया।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। दसवें दीपोत्सव पर 30 लाख से अधिक दीपों की रोशनी से सरयू के 56 घाट जगमगा उठे। आस्था, अध्यात्म और सांस्कृतिक वैभव के इस अद्भुत दृश्य के साक्षी उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित मंत्री, विधायक व लाखों श्रद्धालु बने। दीपोत्सव की छटा देख उपराष्ट्रपति ने सीएम योगी को 'हिंदू हृदय सम्राट' बताया।

दीपों की स्वर्णिम आभा, शंखनाद, भजन और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरी रामनगरी राममय हो उठी। 2147 अर्चकों ने कतारबद्ध होकर लाखों दीपों से पुण्य सलिला की अर्चना-अभ्यर्थना की। दीप जलने के बाद एक साथ 2100 स्वदेशी ड्रोन शो से रामायण के प्रसंगों का हवा में मंचन हुआ, जो रोमांच व रामायण बोध से ओतप्रोत रहा।

2017 से शुरू हुआ उत्सव

अयोध्या के 240 से अधिक मंदिरों और मठों के साथ 25 प्रमुख चौराहों को भी उत्सव से जोड़ा गया। वर्ष 2017 में करीब 1.71 लाख दीपों से शुरू हुआ यह आयोजन दसवें संस्करण तक पहुंचते-पहुंचते 30 लाख से अधिक दीपों के भव्य प्रकाश पर्व में तब्दील हो गया।

रामनगरी में प्रभु श्रीराम की घर वापसी का उत्सव सुबह से ही शुरू हो गया था। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक निकलने वाली भव्य शोभायात्रा को रवाना किया। इसमें रामायण के सातों कांडों पर आधारित आकर्षक झांकियां शामिल रहीं।

सूर्यास्त के साथ उत्सव का उल्लास

विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकारों ने मयूर, ढेड़िया, पई डंडा और बधावा जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों से शोभायात्रा को जीवंत बना दिया। सूर्यास्त के साथ ही राम की पैड़ी पर उत्सव का उल्लास चरम पर पहुंचने लगा। शुभ मुहूर्त में पहला दीप प्रज्वलित होते ही उद्घोषक ने 33 हजार स्वयंसेवकों को अपने-अपने घाटों पर दीपों को प्रज्वलित करने लगे।

राम की पैड़ी, चौधरी चरण सिंह घाट और विस्तारित पैड़ी सहित सभी 56 घाट दीपशिखाओं से आलोकित हो उठे। सरयू तट पर भव्य आरती का आयोजन हुआ। 2147 अर्चकों ने कतारबद्ध होकर दीपों की रोशनी के बीच पुण्य सलिला की आरती उतारी। उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस दिव्य आयोजन के साक्षी बनकर सरयू की आराधना की।

राम मंदिर संपूर्ण हिंदू स्वाभिमान का स्मारक: उप राष्ट्रपति

उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दीपोत्सव को भारतीय संस्कृति और आस्था का अनुपम उत्सव बताते हुए राम मंदिर को संपूर्ण हिंदू स्वाभिमान का स्मारक बताया। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम केवल आराध्य नहीं, बल्कि धर्म, करुणा, सदाचार और आदर्श आचरण के शाश्वत स्वरूप हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि और प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 लाख से अधिक दीपों की जगमगाहट, 2100 ड्रोन से भव्य शो, मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए नव्य अयोध्या की भव्यता आज दुनिया के सामने आ रही है।

एक हजार कलाकारों ने लिया हिस्सा

दीपोत्सव के व्यापक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में करीब एक हजार कलाकारों ने हिस्सा लिया। अंतरराष्ट्रीय रामलीला के मंच पर भारत सहित विभिन्न देशों की रामकथा परंपराओं की झलक देखने को मिली। श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और इंडोनेशिया के बाली से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से रामायण के वैश्विक सांस्कृतिक प्रभाव को प्रदर्शित किया। वहीं, असम, केरल, बंगाल सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों की रामलीला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को विविधता प्रदान की।

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