अयोध्या में भाजपा के सामने 'एक म्यान-दो तलवार' वाली चुनौती, अभय के बाद खब्बू की मीटिंग से गरमाई सियासत
अभय सिंह के भाजपा में शामिल होने के बाद अयोध्या में सियासी हलचल तेज हो गई है।

लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करते पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू। सौ. से स्वयं
HighLights
अभय सिंह के भाजपा में शामिल होने से सियासी बदलाव।
खब्बू तिवारी ने तावड़े और सीएम योगी से मुलाकात की।
भाजपा के सामने दोनों नेताओं को साधने की चुनौती।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। सपा से बगावत करने के डेढ़ वर्ष बाद भाजपा में एंट्री पाने में गोसाईगंज विधायक अभय सिंह सफल हुए तो विधानसभा क्षेत्र का सियासी परिदृश्य बदल गया। भाजपा के सामने अब परस्पर धुर विरोधी अभय सिंह व इंद्रप्रताप तिवारी ‘खब्बू’ दोनों क्षत्रपों को समायोजित करने की चुनौती एक म्यान में दो तलवार रखने जैसी है।
दो दिन के अंदर पूर्व विधायक खब्बू तिवारी की राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े व सीएम योगी आदित्यनाथ से राजधानी में मुलाकात के राजनीतिक निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं। अभय सिंह के भाजपा की सदस्यता लेते ही विधायक रहे खब्बू तिवारी की राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े से राजधानी में मुलाकात हुई।
सीएम से मुलाकात से सियासी गर्माहट
रामनगरी में संगठनात्मक बैठक करने आए तावड़े का एयरपोर्ट पर स्वागत खब्बू ने अभय के साथ किया तो उसकी चर्चा इंटरनेट मीडिया पर छा गई। ठीक एक दिन बाद राजधानी में बंद कमरे में 35 मिनट की मुलाकात ने सियासी हलकों में राजनीतिक गर्माहट ला दी। उसके ठीक एक दिन बाद खब्बू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पांच कालिदास मार्ग पर मुलाकात की।
कटेहरी व मिल्कीपुर उप चुनाव में सीएम योगी का भरोसा जीतने वाले खब्बू से मुख्यमंत्री ने रामनगरी का न केवल हाल जाना बल्कि राजनीतिक चर्चा भी की। खब्बू की सजातीय मतों में गहरी पैठ के साथ ही युवाओं में मजबूत पकड़ मानी जाती है। इसको उन्होंने कई अहम मौकों पर साबित किया है।
तावड़े की बैठक में गोसाईगंज की जीत का जिक्र
उल्लेखनीय है कि गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र अंबेडकनगर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र से पूर्व मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में अंबेडकनगर के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से केवल गोसाईंगंज में ही भाजपा को बढ़त मिली थी, जबकि अन्य चार विधानसभा क्षेत्रों में सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार रितेश पांडेय उनसे आगे रहे। वर्मा को हार का सामना करना पड़ा था। उस वक्त गोसाईगंज से जीत में तत्कालीन विधायक खब्बू का अहम भूमिका थी। इसका जिक्र भी तावड़े की बैठक में हुआ।
मिल्कीपुर में भी दोनों के बीच बनाना पड़ा संतुलन
मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के उप चुनाव में भी दोनों बाहुबलियों के बीच संगठन संतुलन बनाने में सफल रहा था। यह बात भी दीगर है कि उस वक्त अभय भाजपा में नहीं थे और खुलकर मंच पर नहीं आए थे। उनकी बैठकी चुनाव में चर्चा का विषय बनी थीं। हालांकि यह बताया जा रहा है कि खब्बू ने दोनों बड़े नेताओं से मुलाकात में अपनी परंपरागत सीट से ही चुनाव लड़ने का खम ठोका है। अब गेंद भाजपा नेतृत्व के पाले में है।
