औरैया में 73 करोड़ के बाईपास आरओबी के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू, 150 किसानों से ली जाएगी जमीन
अछल्दा रेलवे क्रॉसिंग पर जाम से निजात के लिए औरैया में 73.42 करोड़ रुपये के बाईपास आरओबी निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
अछल्दा क्रॉसिंग पर जाम से मुक्ति के लिए आरओबी प्रस्तावित।
150 किसानों की कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
कुछ किसान मुआवजे से असंतुष्ट, प्लॉट दर की मांग।
जागरण संवाददाता, औरैया। अछल्दा रेलवे क्रासिंग 13बी पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित बाईपास आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। परियोजना के लिए इनायतपुर और किशोरी पूर्वा गांवों के करीब 150 किसानों की कृषि भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
शनिवार को जेई मोनू और एई धर्मेंद्र कुमार ने टीम के साथ इनायतपुर गांव स्थित ब्रह्मदेव बगिया में किसानों के साथ बैठक की। इसमें जमीन अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर चर्चा हुई। क्षेत्रीय लेखपाल सतेंद्र यादव भी मौजूद रहे।
परियोजना एक नजर में
- लागत: 73 करोड़ 42 लाख 25 हजार रुपये
- प्रभावित गांव: इनायतपुर और किशोरी पूर्वा
- प्रभावित किसान: करीब 150
- मुआवजा: चार गुणा दिए जाने की जानकारी
- वर्तमान स्थिति: कुछ किसानों ने सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए, जबकि कुछ ने मुआवजे की रकम पर असंतोष जताया। कई किसान अनुपस्थित रहे।
आगे बढ़ाई जा रही अधिग्रहण की प्रक्रिया
परियोजना के घटनाक्रम के अनुसार, 20 दिसंबर 2025 को शासन से स्वीकृति मिलने के बाद दो जनवरी 2026 को प्रथम सर्वे हुआ। 23 जनवरी को संयुक्त सर्वे, 21 फरवरी को सीमांकन और पांच जून को चिह्नांकन किया गया। इसके बाद एक जुलाई को पैमाइश और 13 अगस्त को जमीन का रकबा निकाला गया। 21 सितंबर को तहसील से रिपोर्ट भेजी गई।
अब किसानों से सहमति पत्र लेकर अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। लेखपाल सतेंद्र यादव के मुताबिक, दोनों गांवों के करीब 150 किसानों की जमीन अधिग्रहण के दायरे में आएगी। बैठक में कुछ ही किसानों ने सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए।
भूमि का मुआवजा प्लाट की दर से देने की मांग
वहीं, कई किसानों ने मुआवजे की रकम पर असंतोष जताते हुए कृषि भूमि का मुआवजा प्लाट की दर से देने की मांग उठाई। आबादी क्षेत्र में बने निर्माण का उचित मुआवजा देने की बात भी कही गई। कई किसान बाहर होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके। परियोजना की लागत 73 करोड़ 42 लाख 25 हजार रुपये है।
किसानों को चार गुणा मुआवजा मिलने की जानकारी दी गई, हालांकि वास्तविक राशि नियमानुसार मूल्यांकन के आधार पर तय होगी। आरओबी बनने से क्रासिंग पर लगने वाले जाम की समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी।
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