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एनकाउंटर में ढेर... धार्मिक मिजाज का था मदरसा में तालीम लेने वाला जीशान; पढ़ें बचपन से अब तक की पूरी कुंडली

Published: Mon, 02 Mar 2026 01:43 AM (IST)

गाजियाबाद में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया जीशान सैफी बचपन से धार्मिक मिजाज का था। मदरसा में पढ़ाई के बाद ...और पढ़ें

एनकाउंटर में ढेर हुआ जीशान। जागरण

एनकाउंटर में ढेर हुआ जीशान। जागरण

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जागरण संवाददाता, अमरोहा। गाजियाबाद में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया जीशान सैफी बचपन से ही धार्मिक मिजाज का था। तीन साल तक मदरसा में पढ़ने वाला जीशान 2021 में 12वीं पास करने के बाद बड़े भाई गुलफाम के पास चला गया था।

रविवार रात गाजियाबाद में मुठभेड़ में ढेर होने की जानकारी देर रात तक सैदनगली में परिजनों को नहीं मिली थी। उसे केवल यह पता था कि वह कहीं लापता हो गया है।

16 फरवरी को अंतिम बार सैदनगली आया था जीशान

रविवार आधी रात के बाद सैदनगली थानाध्यक्ष विकास कुमार ने घर जाकर माता-पिता को केवल इतना बताया कि जीशान को चोट लगी है और वह अस्पताल में भर्ती है। रमजान शुरू होने से पहले 16 फरवरी को अंतिम बार जीशान सैदनगली आया था। यहां अकेले रह रहे माता-पिता के पास एक रात रुककर 17 फरवरी को वापस चला गया था।

शुक्रवार दोपहर से जीशान नोएडा से लापता था। वह किसी ठेकेदार से काम करने के रुपये लेने गया था। जीशान के चचेरे भाई मोहम्मद शादाब को सोशल मीडिया के माध्यम से जीशान की मौत की जानकारी मिली। जबकि इस बड़ी घटना से सैदनगली कस्बा पूरी तरह बेखबर रहा।

जीशान के परिवार के कौन-कौन

सैदनगली के सकतपुर रोड पर दयानंद इंटर कॉलेज के पीछे बस्ती में बुनियाद अली का परिवार रहता है। परिवार में पत्नी अफसाना, बड़ा बेटा गुलफाम, पांच बेटी व सबसे छोटा जीशान है। बुनियाद अली का कस्बे में लकड़ी के सामान बनाने का काम है और पांचों बेटियों की शादी हो चुकी है।

बताया कि बड़ा बेटा गुलफाम लगभग 10 साल पहले लकड़ी कारीगरी का काम करने के लिए नोएडा चला गया था। बाद में शादी होने के बाद पत्नी को वहीं साथ लेकर रहने लगा। गुलफाम के परिवार में पत्नी व दो बच्चे हैं। जबकि सबसे छोटे बेटे जीशान को पिता बुनियाद अली ने पहले स्थानीय मदरसा में पढ़ने के लिए भेज दिया था।

जानकारी के अनुसार, उसने वहां लगभग ढाई साल तक दीनी तालीम हासिल की। चूंकि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी तो मदरसा छोड़कर पिता के साथ लकड़ी का काम कर हाथ बंटाने लगा था। इसी बीच वह स्कूल भी जाने लगा। 2020 में उसने सैदनगली के एक इंटर कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास कर ली। लेकिन मदरसा में तालीम हासिल करने के कारण उसका पहनावा अधिकांश कुर्ता पैजामा ही रहता था।

परिजनों को नहीं लगी मौत की खबर

बताया कि वह देखने में किसी मौलाना की तरह नजर आता था। इंटर की पढ़ाई के बाद जीशान भी बड़े भाई गुलफाम के साथ काम करने के लिए नोएडा चला गया था। लेकिन कोरोना काल में वापस आ गया था। यहां वह बेहद शांत व धार्मिक मिजाज का दिखाई देता था। बहनों की शादी करने के बाद वह नोएडा में अब बड़े भाई से भी अलग रह रहा था। रविवार देर रात मुठभेड़ में जीशान की मौत होने के बाद परिजन व रिश्तेदार इससे बेखबर थे। उनकी नजर में वह लापता था।

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जीशान का इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड

जीशान इंस्टाग्राम व फेसबुक पर सक्रिय रहता था। दोनों जगह अपने फोटो के साथ ही धार्मिक पोस्ट करता था। रविवार देर रात उसका इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड दिखाने लगा। वहीं, फेसबुक से भी उसकी आईडी बंद हो गई। माना जा रहा है कि जीशान ने खुद अपने अकाउंट बंद किए होंगे।