हरिद्वार गंगा एक्सप्रेस-वे : अमरोहा के 950 किसानों की चमकेगी किस्मत, जमीन के मिलेंगे सर्किल रेट से 4 गुणा दाम
अमरोहा में हरिद्वार गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 52 गांवों के लगभग 950 किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। किसानों को ...और पढ़ें

मंगरौला में गंगा एक्सप्रेस वे पर दौड़ते वाहन। जागरण
HighLights
दरें तय होती ही शुरू होंगे बैनामे, किसानों को जमीनों की खरीद का किया जाएगा भुगतान
जागरण संवाददाता, अमरोहा। हरिद्वार गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए प्रशासन भूमि अधिग्रहण की तैयारियों में जुट गया है। 52 गांवों के करीब 950 किसानों से जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। सर्किल रेट से चार गुणा दामों पर जमीन की खरीद की जाएगी। प्रशासन ने जमीनों की दरों के निर्धारण की कार्रवाई शुरू कर दी है।
उसकी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) भेजी जा रही है। जैसे ही दरें तय होंगी वैसे ही जमीनों की खरीद और किसानों के बैनामे कराए जाएंगे। किसानों की सहमति से बैनामे कराए जाएंगे।
मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब सरकार द्वारा अमरोहा से हरिद्वार तक उसके विस्तारीकरण का कार्य किया जा रहा है।
147 किलोमीटर की दूरी को कम करने की कार्रवाई की जा रही है। इसमें जनपद के 52 गांवों के किसानों की जमीन जा रही है। इसमें 17 गांव हसनपुर व 35 गांव मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र के शामिल हैं।
प्रशासन ने किसानों के जमीनों के गाटों के मिलान का काम पूरा कर लिया है। गत 11 सितंबर को जनपदभर में जमीनों के नए सर्किल रेट की दरों को लागू कर दिया गया है। अब किसानों से जमीनों का बैनामा कराए जाएंगे।
फसलों, पेड़ों व बिजली के पोलों का सर्वे पूरा हो गया है। जिला विशेष अध्याप्ति अधिकारी करमेंद्र सिंह ने बताया कि जमीनों के दरों के निर्धारण के लिए यूपीडा को रिपोर्ट मंडलायुक्त के जरिए भिजवाई जा रही है। दरें तय होते ही बैनामे कराए जाएंगे।
यह हैं 52 गांव
रुखालू, शकरौली, गुलामपुर, भैंसरोली, बाईखेड़ा, लुहारी खादर, सोहरका, दीपपुर, आगापुर कला, मछरई, याकूबपुर, सेमला, बसेरा खुर्द, आलमपुर, आब्दीपुर, कटाई, पूठी। अटाली मुरीदपुर, मीरपुर, बल्दाना असगरी अली खान, जलालपुर कला, झनकपुरी, बस्तौरा माफी, यकबगड़ी, बस्तौरा, शेखूपुर शुमाली, रायपुर शुमाली, देहरा घनश्याम, नंगलिया बहादरपुर, बैरमपुर भूड़, अफजलपुर लूट, मोहम्मदी माफी, हाशमपुर भूड़, कौराला, होशंगपुर उर्फ कटपुरा, चक कुआखेड़ा, कुआखेड़ा, बाखरपुर माफी, छज्जूपुरा माफी, भटौला शुमाली, टोनिया माफी, हैवतपुर चौधरियान, पेली, बढ़पुरा, खंडसाल, रसौती, वंशगोपाल पुर, डींगरा, पट्टीपारा माफी, पारा खालसा, वालीपुर।
ये होगा एक्सप्रेस-वे बनने का फायदा
- हरिद्वार जाना आसान और तेज होगा: घंटों की दूरी मिनटों में पूरी होगी।
- व्यापार को बढ़ावा मिलेगा: अमरोहा की कृषि उपज, स्थानीय उत्पाद और दूसरे सामान को बिजनौर हरिद्वार तथा आगे उत्तराखंड के बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा।
- उद्योग और निवेश: बेहतर हाईस्पीड कनेक्टिविटी से लाजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और अन्य व्यवसायिक गतिविधियों के लिए क्षेत्र अधिक सुविधाजनक होगा।
- पर्यटन और धार्मिक यात्रा बढ़ेगी: अमरोहा व आसपास के लोगों के लिए धार्मिक और पर्यटन यात्राएं आसान होंगी।
- रोजगार के अवसर: एक्सप्रेस-वे बनने के बाद परिवहन, ढाबे, सर्विस सेंटर, होटल आदि से जुड़े काम बढ़ेंगे। इससे रोजगार के अवसर खुलेंगे।
- गांवों में विकास: जिन गांवों के पास से एक्सप्रेस-वे गुजरेगा, वहां सड़क, परिवहन व व्यवसायिक गतिविधियों का विकास होगा।
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