गाड़ी-बंगला और सरकारी नौकरी... फिर भी ले रहे थे गरीबों का राशन! अमरोहा में 8,900 से ज्यादा कार्ड रद्द
अमरोहा में गरीबों के हक का राशन ले रहे 8,922 अपात्रों के राशन कार्ड रद्द किए गए हैं। इनमें आयकरदाता, ...और पढ़ें

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HighLights
राशन वितरण के बीच गेहूं की गुणवत्ता पर उठे सवाल
जागरण संवाददाता, अमरोहा। गरीबों के हक का राशन अपात्रों तक पहुंचने का मामला सामने आया है। आयकरदाता होने के साथ ही चार पहिया वाहन, सरकारी नौकरी, बड़ा पक्का मकान और व्यावसायिक संपत्ति रखने वाले भी सरकारी राशन का लाभ ले रहे थे।
प्रदेश स्तर पर हुई जांच के बाद जिले में ऐसे 8,922 राशनकार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। इनमें 8,022 कार्ड आयकरदाताओं के थे, जबकि 900 कार्ड ऐसे लोगों के थे, जो अन्य मानकों के आधार पर अपात्र पाए गए।
जनपद में राशन की 851 दुकानें संचालित हैं। इनमें 138 शहरी और 713 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। जिले में कुल 3,13,366 राशनकार्ड धारक हैं। इनमें 2,90,509 पात्र गृहस्थी और 22,857 अंत्योदय कार्डधारक शामिल हैं।
राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें अक्सर अधिकारियों तक पहुंचती हैं। कार्डधारकों का आरोप रहता है कि ई-पाश मशीन पर अंगूठा लगवाने और इलेक्ट्रानिक कांटे से पूरी मात्रा की पर्ची निकालने के बाद भी उन्हें प्रति यूनिट एक किलोग्राम तक कम राशन दिया जाता है।
दैनिक जागरण की टीम गुरुवार सुबह 11 बजे जोया के मुहल्ला पधानोवाला स्थित मोहम्मद असलम की राशन की दुकान पर पहुंची। दुकान से मुंशियान, पधानोवाला, इकबालनगर और जामा मस्जिद समेत चार मुहल्लों के 842 राशनकार्ड धारक जुड़े हैं।
दुकान पर कार्डधारकों की कतार लगी थी और राशन वितरण किया जा रहा था। डीलर पर्ची निकालकर कार्डधारकों को दे रहे थे। यहां मौजूद कार्डधारकों ने राशन में कटौती की शिकायत नहीं की। उनका कहना था निर्धारित मात्रा में राशन मिल रहा है।
मिट्टी और कंकड़ छांटने में होती है परेशानी
टीम दोपहर 12 बजे डिडौली गांव स्थित राशन की दुकान पर पहुंची। डीलर मोहम्मद शकील राशन बांटते मिले। इलेक्ट्रानिक कांटे से निकलने वाली पर्ची के हिसाब से कार्डधारकों को राशन दिया जा रहा था।
डीलर ने बताया राशन वितरण के लिए 10 से 25 अक्टूबर तक का समय निर्धारित है। इसके बाद मशीन बंद हो जाएगी। यहां राशन लेने पहुंचे कार्डधारक असलम ने गेहूं की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि गेहूं में मिट्टी और कंकड़ अधिक आ रहे हैं। दुकान से 500 राशनकार्ड धारक जुड़े हैं।
राशन वितरण प्रणाली पहले की अपेक्षा अधिक पारदर्शी हुई है। आधारकार्ड के माध्यम से व्यवस्था को जोड़ा गया है। प्रदेश स्तर पर जांच के दौरान अपात्र पाए गए लोगों की सूची विभाग को भेजी जाती है, जिसके आधार पर राशनकार्ड निरस्त किए जाते हैं। राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत पर जांच के बाद संबंधित डीलर के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
-संजय मिश्रा, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी।
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