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करोड़ों का बजट पर टाट-पट्टी पर पढ़ाई! अमरोहा के 111 स्कूलों में बेंच तक नहीं, 7 हजार बच्चे परेशान

Published: Tue, 13 Oct 2026 06:34 PM (IST)

अमरोहा के 111 परिषदीय विद्यालयों में फर्नीचर की कमी के कारण 7,000 से अधिक बच्चे टाट-पट्टी पर पढ़ने को मजबूर ...और पढ़ें

लकड़ा के प्राथमिक विद्यालय में टाट-पट्टी पर पढ़ते बच्चे। जागरण

लकड़ा के प्राथमिक विद्यालय में टाट-पट्टी पर पढ़ते बच्चे। जागरण

HighLights

  1. 2,336 विद्यालयों में बेंच की जरूरत, शासन से मांगा बजट

जागरण संवाददाता, अमरोहा। बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय स्कूलों में बच्चों को बेहतर सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का दावा कर रहा है, लेकिन जिले के 111 स्कूलों में आज भी फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। यहां बच्चे टाट-पट्टी और चटाई पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

जिले के इन विद्यालयों में करीब सात हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं। उनके बैठने के लिए 2336 बेंच की जरूरत है। विभाग ने फर्नीचर खरीदने के लिए शासन से बजट मांगा है।

जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1,254 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब 1,02,800 बच्चे पंजीकृत हैं। सरकार बच्चों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, यूनिफार्म और मध्याह्न भोजन उपलब्ध करा रही है।

पढ़ाई के लिए शिक्षकों की तैनाती भी की गई है। इसके बावजूद कई विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। फर्नीचर नहीं होने से बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।

मंगलवार को दैनिक जागरण की टीम ने नगर के कुछ परिषदीय विद्यालयों का जायजा लिया तो व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आई। लकड़ा प्राथमिक विद्यालय में पांच स्कूलों के बच्चों को शिफ्ट करके पढ़ाया जा रहा है।

यहां केवल दो कमरे हैं। बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण बैठने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। कुछ बच्चों को बाहर जमीन पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक तौसीफ ने बताया कि स्कूल में 290 बच्चे पंजीकृत हैं। अभी फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। कमरों की संख्या कम होने के कारण बच्चों को बैठाने में भी परेशानी होती है।

इसके बाद टीम पीरजादा प्राथमिक विद्यालय पहुंची। यहां तीन कमरों में बच्चे फर्नीचर पर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे, जबकि तीन अन्य कमरों में फर्नीचर नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को फर्श पर चटाई बिछाकर बैठाया गया था।

प्रधानाध्यापक आमिर ने बताया कि विद्यालय में छह स्कूल संचालित हैं और कुल 321 बच्चे पंजीकृत हैं। तीन कक्षाओं में फर्नीचर उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ना पड़ रहा है।

फर्नीचर मिला तो कमरों में कहां बैठेंगे बच्चे?

लकड़ा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक तौसीफ के मुताबिक, विद्यालय में केवल दो कमरे हैं, जबकि पांच स्कूलों के बच्चों को शिफ्ट करके पढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में 290 बच्चे पंजीकृत हैं।

जगह की कमी के चलते कुछ बच्चों को बाहर बैठाना पड़ता है। ऐसे में फर्नीचर उपलब्ध होने के बाद भी उसे कमरों में व्यवस्थित करना चुनौती होगी। उनका कहना है कि बच्चों की संख्या के अनुपात में कमरों की कमी दूर करना भी जरूरी है।

2,336 बेंच की जरूरत, शासन को भेजी डिमांड

जिले के 111 विद्यालयों में करीब सात हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। शिक्षकों के अनुसार, एक बेंच पर तीन बच्चों के बैठने के मानक के हिसाब से इन स्कूलों में 2,336 बेंच की आवश्यकता है।

जिला समन्वयक निर्माण सतवीर सिंह ने बताया कि पिछले सप्ताह ही शासन को पत्र भेजकर फर्नीचर के लिए बजट की मांग की गई है। बजट मिलने के बाद विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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