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अमरोहा की इस टीचर का कमाल: 16 साल की 'तपस्या' से कस्तूरबा स्कूल को बनाया नेशनल स्टार, मिलीं ये बड़ी उपलब्धियां

Published: Mon, 12 Oct 2026 06:36 PM (GMT+05:30)

अमरोहा के धनौरा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की वार्डन भाग्यवती ने 16 साल की तपस्या से स्कूल को ...और पढ़ें

धनौरा के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और भाग्यवत्ती, वार्डन

धनौरा के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और भाग्यवत्ती, वार्डन

HighLights

  1. उत्कृष्ट प्रदर्शन पर राज्य व राष्ट्रीयस्तर पर वार्डन को आवार्ड देकर किया जा चुका सम्मानित

जागरण संवाददाता, अमरोहा। धनौरा का कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय आज राष्ट्रीयस्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। इस पहचान के पीछे वार्डन भाग्यवती की 16 साल की तपस्या और समर्पण है। वार्डन ने न सिर्फ बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव भी रखी।

विद्यालय में हर साल शतप्रतिशत बालिकाओं की उपस्थिति व समय पर असाइमेंट पूरा करने पर राज्यस्तर पर विद्यालय को सुपरस्टार में चयन कराया। इतना ही खान एकेडमी लखनऊ की तरफ से गणित और विज्ञान में बालिकाओं को पारंगत किया।

उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि राज्य व राष्ट्रीयस्तर उन्हें अवार्ड देकर सम्मानित किया। जिससे वह राष्ट्रीय फलक पर छाई हुई है। जनपद में वैसे तो आठ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित है।

मगर इनमें से धनौरा का कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय सबसे अलग है। जिसमें वार्डन भाग्यवती 2008 से तैनात है। जब वार्डन ने कार्यभार संभाला था, उस समय विद्यालय में संसाधनों का अभाव था और बालिकाओं की उपस्थिति भी कम रहती थी।

उन्होंने सबसे पहले अभिभावकों से संपर्क कर बेटियों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे स्कूल में बेटियों की संख्या बढ़ने लगी। विद्यालय में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर शिक्षा और खेलकूद की व्यवस्था को दुरुस्त कराई।

जिससे विद्यालय में हर साल बालिकाओं की उपस्थिति शतप्रतिशत रहने लगी। आनलाइन शिक्षा के जरिये कंप्यूटर द्वारा समय से सभी असाइनमेंट बालिकाएं पूरे करने लगी।

इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर 2024 में राज्यस्तर पर केजीबीवी धनौरा का चयन सुपरस्टार विद्यालय के रूप में किया गया। लखनऊ खान अकेडमी की तरफ से बालिकाओं को विज्ञान और गणित पारंगत करने के लिए आनलाइन कोर्स उपलब्ध कराए गए।

आनलाइन कक्षाओं के माध्यम से बालिकाओं को कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाया गया। इसका परिणाम यह रहा वार्डन को इस उपलब्धि के लिए के लिए 2024 में राज्यस्तर पर लखनऊ में स्कूल शिक्षा महानिदेशक एवं बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव विजय किरन सिंह आनंद ने अवार्ड देकर सम्मानित किया था।

जबकि राष्ट्रीय स्तर पर पिछले साल दिल्ली में यूपी के अच्छी रैंक वाले पांच केजीबीवी का अवार्ड के लिए चयन हुआ था। इनमें धनौरा का केजीबीवी भी शामिल था। वहां वार्डन को राष्ट्रीयस्तर खान अकेडमी के हैड ने सम्मानित किया था। जिससे वह राष्ट्रीय फलक पर भी छाई हुई।

शतरंज में भी माहिर बालिकाएं, राज्यस्तर पर पांच बेटियां चयनित

धनौरा केजीबीवी की बालिकाएं पढ़ाई ही में ही नहीं, बल्कि बालीवाल, शतरंज खेलने में भी माहिर है। राज्यस्तर पर विद्यालय की पांच बेटियां अलीगढ़ में शतरंज प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रही है। जबकि बालीवाल के राज्यस्तरीय ट्रायल के लिए पांच बालिकाओं का चयन हुआ है।

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