मनरेगा में अब 'BDO' नहीं करेंगे काम प्रस्तावित: सरकार का बड़ा फैसला, बदल गया पूरा सिस्टम
मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने जियो-टैगिंग और युक्तधारा पोर्टल का उपयोग शुरू किया है, जिससे फर्जीवाड़ा ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
हर कार्य की होगी जियो टैगिंग, नहीं हो पाएगा कार्य कराने में फर्जीवाड़ा
जागरण संवाददाता, अमरोहा। सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत जी राम जी योजना कर दिया है। जिसके तहत अभी पंचायतों में काम भले ही नहीं हो पा रहे हैं लेकिन, उसने युक्तधारा पोर्टल पर प्रत्येक विभाग से प्रस्तावित कार्य योजना फीड कराई है। पंचायतों में अभी काम मनरेगा योजना के अंतर्गत होंगे। प्रत्येक काम की आइडी युक्तधारा पोर्टल के जरिए निकलेगी।
इसके प्रभावी होने से बीडीओ की लागिन से कार्य प्रस्तावित करने की आवश्यकता नहीं होगी बल्कि उनको फीड काम अग्रसारित करना होगा। हर कार्य की जियो टैगिंग की जाएगी। इससे मनरेगा के कार्यों में होने वाले फर्जीवाड़े पर भी लगाम कसेगी। जनपद में 48000 मानव दिवस मनरेगा योजना के तहत सृजित किए गए हैं।
करीब दो माह बाद पंचायतों में नए वित्तीय वर्ष के कार्य शुरू होंगे। मनरेगा का नाम बदलने के साथ ही सरकार ने कार्यों के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पंचायतों में मनरेगा से होने वाले प्रत्येक कार्य में अब पारदर्शिता रहेगी।
कोई भी एक काम का दो-दो बार भुगतान नहीं ले पाएगा। सरकार द्वारा युक्तधारा पोर्टल विकसित किया गया है। जिस पर प्रत्येक विभाग की कार्य योजना को पोर्टल पर फीड किया गया है। पंचायत व विभागों में होने वाले प्रत्येक कार्य की आइडी पोर्टल के जरिए ही बनेगी।
यहां बता दें कि अब तक बीडीओ की लागिन से पंचायतों के कार्य प्रस्तावित होने की व्यवस्था थी लेकिन, युक्तधारा पोर्टल के प्रभावी होते ही उनसे यह काम नहीं लिया जाएगा। बीडीओ कोई काम प्रस्तावित नहीं कर पाएंगे। उनको केवल पोर्टल पर फीड कार्य को अग्रसारित करने की जिम्मेदारी होगी।
प्रत्येक कार्य की जियो टैगिंग से पता रहेगा कि कौन सा कार्य पहले हो चुका है और कहां नई योजना की जरूरत है। पोर्टल पर फीड किए जा रहे कामों में सबसे अधिक कार्य जल संरक्षण के लिए गए हैं। इनमें शाकपिट निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाब खोदाई आदि शामिल हैं।
यहां बता दें कि जनपद में करीब दो माह से मनरेगा योजना के सभी काम बंद थे। लेकिन, अब सरकार से 48000 मानव दिवस सृजित का लक्ष्य जनपद को मिला है। इससे पंचायतों में काम प्रारंभ होगा और जाबकार्डधारकों को रोजगार मिलेगा।
पंचायतों में मनरेगा से काम शुरू होंगे। 48000 मानव दिवस सृजित हुए हैं। जिसके हिसाब से कार्य कराए जाएंगे। इस बार सबसे ज्यादा काम जल संरक्षण पर कराए जाएंगे। जिसके लिए अधिकारियों को भी निर्देशित कर दिया गया है। विकसित भारत जी राम जी योजना से संबंधित अभी कोई गाइडलाइन नहीं आई है। इसलिए अभी काम मनरेगा से ही किए जाएंगे।
- अश्वनी कुमार मिश्र, सीडीओ
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