अमरोहा की 'कलकतिया ढोलक' से गूंजेंगे देश के मंदिर: नवरात्र पर रिकॉर्ड ₹2.5 करोड़ का कारोबार, 50 हजार ढोलक की सप्लाई
अमरोहा की प्रसिद्ध कलकतिया ढोलक ने इस शारदीय नवरात्र में देशभर में धूम मचाई है। 50,000 ढोलकों के ऑर्डर के ...और पढ़ें

कारखाने में रखी ढोलक । जागरण
HighLights
शारदीय नवरात्र से पहले ही बनाकर सप्लाई कर दी गई कलकतिया ढोलक
राहुल शर्मा, अमरोहा। ढोलक की बात हो और अमरोहा का नाम न आए.. ऐसा हो नहीं सकता। खुशी का हर अवसर यहां की ढोलक के बिना अधूरा है। एक जनपद-एक उत्पाद में शामिल होने और जियो टैग मिलने के बाद ढोलक की थाप और तेज हो गई है। रविवार से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। यहां की कलकतिया ढोलक उसके उल्लास को देशभर में बढ़ाएगी।
मंदिरों की आस्था में शामिल होगी। इसके लिए देश के विभिन्न राज्यों से कारोबारियों को करीब 50 हजार ढोलक के आर्डर मिले थे। नवरात्र से पहले ही उसकी आपूर्ति आर्डर के हिसाब से कर दी गई है। भिजवा दी है।
11 अक्टूबर यानी कल से नवरात्र शुरू होंगे। इस त्योहार पर मंदिरों में श्रद्धालु ढोलक बजाकर भजन-कीर्तन करते हैं। कलकतिया ढोलक की विशेषता है कि यह दोनों तरफ से बजती है।

एक हिस्सा छोटा और दूसरा बड़ा होता है। एक बारीक तो दूसरा मोटी आवाज देता है। इस ढोलक के निर्माण में करीब 300-800 रुपये (आकार के हिसाब से) लागत आती है। कारोबारी उसको 500 से 1000 रुपये तक में बेचते हैं।
इस साल कारोबारियों को उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब आदि राज्यों से 50 हजार कलकतिया ढोलक बनाने के आर्डर मिले हैं। जिनके हिसाब से सप्लाई भी भेज दी गई है।
पिछले साल 30 हजार आर्डर मिले थे और दो करोड़ का कारोबार हुआ था। इस बार 20 हजार अधिक ढोलक बनाने के आर्डर मिले और ढाई करोड़ के करीब का कारोबार हुआ है।
एक नजर में ढोलक का कारोबार
जिलेभर में ढोलक के करीब 350 कारखाने हैं। इनमें करीब छह हजार मजदूर काम करते हैं। कारखानों में ढोलक के अलावा अन्य कई वाद्ययंत्र एकतारा, डमरू, तबला, ढोल, ढपली, बैंजो, चमेली, कांगो, चांगो, खंजरी, मारवाज और मुगलिया ड्रम आदि भी बनते हैं।
नवरात्र पर कलकतिया ढोलक की मांग अधिक रहती है। यह ढोलक पहले कोलकाता में ही बनती थी लेकिन, अब अमरोहा में बड़े पैमाने पर बनती है। इसलिए इसका नाम कलकतिया रखा गया है। पिछले साल से अधिक ढोलक बनाने के आर्डर मिले थे। जिसके हिसाब से विभिन्न राज्यों को आपूर्ति कर दी गई है।
- राजीव कुमार प्रजापति, अध्यक्ष ढोलक हस्तकला एसोसिएशन।
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