अमरोहा में नशीली दवाओं पर बड़ा एक्शन: 13 और मेडिकल स्टोर के लाइसेंस रद्द, अब तक 51 पर गिरी गाज
अमरोहा में नकली और नशीली दवाओं की बिक्री रोकने के अभियान के तहत 13 और थोक दवा विक्रेताओं के लाइसेंस ...और पढ़ें

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HighLights
नोटिसों का जवाब नहीं देने और बंद मिलने पर की कार्रवाई
जागरण संवाददाता, अमरोहा। नकली व नशीली दवाओं की बिक्री को रोकने के लिए प्रदेशभर में थोक दवा विक्रेताओं और कारोबार के सत्यापन का अभियान चल रहा है। जिसमें प्रत्येक थोक दवा विक्रेता की जांच की जा रही है। जनपद में 13 और थोक दवा विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। अब उनकी संख्या 38 से बढ़कर 51 तक पहुंच गई है। यह अभिलेखों में संचालित थे जबकि, मौके पर बंद।
जनपद में करीब 700 थोक दवा विक्रेता के लाइसेंस हैं। औषधि निरीक्षक रूचि बंसल ने बताया कि 680 थोक दवा विक्रेताओं का सत्यापन किया जा चुका है। इसमें 51 बंद मिले थे।
35 लोगों ने कारोबार नहीं चलना बंदी की वजह बताई जबकि, 15 के संचालकों ने फोन नहीं उठाया और न ही नोटिस का जवाब दिया। उनके मेडिकल स्टोर पर बंद हैं। इनमें से 38 थोक विक्रेताओं के लाइसेंस पहले निरस्त कर दिए गए थे जबकि, 13 के अब किए गए हैं।
औषधि निरीक्षक रुचि बंसल ने बताया कि जिन मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निरस्त हुए हैं, उनमें नक्षत्र फार्मास्यूटिकल्स नाईपुरा गजरौला, नेशनल मेडिकल एजेंसी बुधबाजार नाईपुरा गजरौला, एम फार्मा गांधीनगर धनौरा, मुदगल मेडिकल स्टोर कटरा धनौरा, मुस्कान मेडिकल स्टोर जयतौली हसनपुर, मंसूरी मेडिकल स्टोर लालबाग हसनपुर, नेशनल मेडिकल स्टोर पायंती कलां अमरोहा, डीआर निशोलसन फार्मा पलौला डिडौली, नेशनल मेडिकल एजेंसी इकबालनगर जोया, खान मेडिकल एजेंसी पधानो वाला डिडौली, एमएसके मेडिकल स्टोर देहरा मिलक रजबपुर, लक्ष्मी मेडिकोज पंडकी अमरोहा, मेडिशन फार्मास्यूटिकल्स लकड़ा धनौरा रोड अमरोहा शामिल हैं।
इन 11 बिंदुओं पर चल रही जांच
- ड्रग होलसेल लाइसेंस और उसकी वैधता।
- फर्म के दस्तावेज, पार्टनशिप डीडी/कंपनी के कागज आदि।
- फर्म का वास्तविक संचालक कौन है, लाइसेंस जिस व्यक्ति के नाम है, वही कारोबार चला रहा है या नहीं।
- गोदाम व दुकान का विवरण- दवा किस निर्माता/ डिस्ट्रीब्यूटर से खरीदी गई।
- बिक्री के बिल व बिक्री रिकार्ड- दवा किसे और कितनी बेची गई।
- स्टाक रजिस्टर व स्टाक का भौतिक मिलान-रिकार्ड में मौजूद स्टाक और दुकान में मौजूद स्टाक का मिलान।
- जीएसटी रिकार्ड और बिलिंग।
- बैंक लेनदेन- कारोबार वास्तव में लाइसेंसधारी/फर्म द्वारा किया जा रहा है या नहीं।
- दवा की सप्लाई चेन- निर्माता से थोक विक्रेता और आगे खुदा विक्रेता तक दवा का रिकार्ड।
- विशेष श्रेणी की दवाओं के रिकार्ड- जहां लागू हों। दवा की गुणवत्ता और वैधता की जांच के लिए नमूने लिए जा सकते हैं।
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