अमरोहा उपभोक्ता आयोग का फैसला: बीमा कंपनी को देना होगा इलाज का पूरा क्लेम
अमरोहा जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए एक कारोबारी को पथरी के इलाज का क्लेम देने का आदेश दिया है।

HighLights
बीमा कंपनी को 63 हजार का क्लेम देने का आदेश।
उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी का दोषी माना।
मानसिक पीड़ा और वाद व्यय भी चुकाने होंगे।
जागरण संवाददाता, अमरोहा। जिला उपभोक्ता आयोग ने आपरेशन पर हुए खर्च का क्लेम देने से इन्कार करने के मामले में बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए 63 हजार रुपये का क्लेम नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा आर्थिक और मानसिक पीड़ा के लिए 10 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये देने होंगे।
मुहल्ला मुल्लाना निवासी कारोबारी राशिद का कहना है कि उन्होंने एक निजी बैंक के माध्यम से एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक हेल्थ पॉलिसी कराई थी। इसी अवधि में उन्हें पथरी की समस्या होने पर सात दिसंबर 2024 को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद 10 दिसंबर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इलाज पर करीब 63 हजार रुपये खर्च हुए।
राशिद ने उपचार में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए बीमा कंपनी में क्लेम प्रस्तुत किया, लेकिन कंपनी ने अस्पताल में भर्ती होने और इलाज का रिकार्ड उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए दावा खारिज कर दिया।
पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया था। अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी के तर्कों को स्वीकार नहीं किया। लिहाजा कंपनी को भुगतान करने का आदेश दिया है।
