अमेठी हादसा: मां की गोद में ही दुनिया से विदा हुआ विराट, मां-बेटे की चिता देख छलके आंसू; गांव में पसरा मातम
अमेठी में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मां मालती और सात वर्षीय बेटे विराट की मौत हो गई।

HighLights
अमेठी में सड़क हादसे में मां-बेटे की मौत।
मालती और सात वर्षीय विराट का एक साथ अंतिम संस्कार।
गांव में शोक की लहर, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़।
जागरण संवाददाता, अमेठी। जिस मां की गोद में विराट ने आंखें खोलकर दुनिया देखी, उसी मां के साथ वह हमेशा के लिए दुनिया से विदा हो गया। रविवार रात हुए सड़क हादसे ने मां मालती और उसके मासूम बेटे विराट की जिंदगी छीन ली। सोमवार देर शाम जब दोनों के शव गांव पहुंचे तो हर आंख नम हो गई।
मां-बेटे को एक साथ अंतिम विदाई देते समय लोगों के आंसू थम नहीं रहे थे। जिस आंगन में कभी विराट की किलकारियां गूंजती थीं, वहां मातम पसरा था। मां-बेटे की मौत से परिवारजन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इन्हौना-तिलोई मार्ग पर हुआ था हादसा
बाराबंकी के सुबेहा थाना हैदरगढ़ के सराय गोपी निवासी विकास मौर्य रविवार की देररात पत्नी मालती और सात वर्षीय बेटे विराट के साथ पूरे बसावन दास मजरे तिलोई गांव निवासी मौसा रामेश्वर के घर आयोजित मुंडन संस्कार में शामिल होने आए थे। इन्हौना-तिलोई मार्ग पर किसान बीज भंडार के समीप हुए सड़क हादसे में मां बेटे की मौत हो गई थी, जबकि पति घायल हो गया था।
पोस्टमार्टम के बाद सोमवार देर शाम मां मालती और उसके बेटे विराट के शव गांव पहुंचे। इसके बाद गांव की बाग में दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मां-बेटे की एक साथ चिता सजते देख मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। परिवार की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा कांप उठा।
जिस उम्र में मां की उंगली थामना सीखा, उसी उम्र में छूट गया साथ
मां के साथ दुनिया को अलविदा कहने वाला विराट गांव के स्वामी दयाल इंटर कालेज में केजी का छात्र था। उसकी तोतली बातें, मासूम मुस्कान और बचपन की चंचलता अब सिर्फ यादों में रह गई हैं। जिस उम्र में बच्चे मां की उंगली थाम कर जिंदगी की राह पर चलना सीखते हैं, उस उम्र में विराट का यूं चले जाना हर किसी को भीतर तक व्यथित कर गया। मां की ममता और बेटे की मासूमियत का एक साथ छिन जाना गांव के लोगों के लिए असहनीय पीड़ा बन गया।
बदहवास दिखे पति और बेटी, गांव में पसरा मातम
मालती और विराट की मौत से पति विकास और बेटी वैष्णवी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। परिवारजन के इस असहनीय दुख में शामिल होने पहुंचे ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक सके। अंतिम संस्कार में कालेज प्रबंधक राम सागर मौर्य, ग्राम प्रधान जसवंत मौर्य समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से मां-बेटे को अंतिम विदाई दी और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
