कम खर्च में होगी लाखों की अर्निंग, अमेठी के किसानों को सिखाया बंपर कमाई का वैज्ञानिक तरीका
अमेठी के कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा में 80 मत्स्य पालकों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन का प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य ...और पढ़ें

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HighLights
80 मत्स्य पालकों को वैज्ञानिक मछली पालन का प्रशिक्षण मिला।
कम लागत में अधिक उत्पादन के तरीके सिखाए गए।
तालाब प्रबंधन और रोग नियंत्रण पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
संवाद सूत्र, अमेठी। कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा में आत्मा योजना के तहत ट्रेनिंग एट केवीके योजना के तहत मत्स्य पालन विभाग द्वारा जिले के 80 मत्स्य पालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य मत्स्य पालकों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन, तालाब प्रबंधन, मछलियों के पोषण एवं रोग प्रबंधन की नवीनतम तकनीकों की जानकारी प्रदान करना था।
वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. नवनीत कुमार मिश्र ने कहा कि मत्स्य पालन किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाला एक महत्वपूर्ण एवं लाभकारी व्यवसाय है। यदि मत्स्य पालन को वैज्ञानिक तकनीकों एवं उचित प्रबंधन के साथ किया जाए तो कम लागत में बेहतर उत्पादन एवं अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए किया प्रेरित
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य अनिल कुमार ने मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, मत्स्य पालकों को प्रदान की जा रही सुविधाओं एवं अनुदान की जानकारी दी। उन्होंने नवीनतम योजनाओं एवं पात्रता की जानकारी देते हुए मत्स्य पालकों को विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
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वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि तालाब की उचित तैयारी एवं मछलियों की सही संख्या का निर्धारण बेहतर उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है। फसल सुरक्षा विशेषज्ञ डा. लाल पंकज सिंह ने मछलियों में होने वाले प्रमुख रोगों की पहचान, रोगों से बचाव तथा तालाब में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के संबंध में वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण में मत्स्य अधिकारी अनिरुद्ध वर्मा के साथ विभिन्न विकास खंडों से आए 80 मत्स्य पालकों ने प्रतिभाग किया।
