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मधुमक्खी पालन से बढ़ेगी किसानों की आय, 40 प्रतिशत अनुदान से सुधरेगी आर्थिक स्थिति

Published: Sun, 13 Sep 2026 08:17 PM (IST)

अमेठी में बागवानी विकास मिशन योजना के तहत किसानों को मधुमक्खी पालन के लिए 3.20 लाख की यूनिट पर 1.28 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा।

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जागरण संवाददाता, अमेठी। खेती के कार्य में लगे किसानों की आर्थिक समृद्धि में मधुमक्खी (मौन) पालन मददगार साबित होगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मधुमक्खी पालन योजना के तहत किसानों से पालन कराने की कवायद में उद्यान विभाग लगा है।

यदि लोगों ने रुचि दिखाई तो मधुमक्खी पालन के जरिए उत्पादित होने वाले शहद से उनकी आर्थिक स्थिति सुधर सकती है। सबसे अहम यह है कि मौन पालन के लिए यूनिट स्थापना पर शासन की ओर से भारी-भरकम अनुदान राशि भी दी जा रही है।

मधुमक्खियों द्वारा लगाए गए छत्ते को देखकर हर किसी का मन शहद के स्वाद को मचल उठता है, लेकिन यदि इन्हीं मधुमक्खियों का पालन कर दिया जाय तो इनके शहद से होने वाली आमदनी से लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरते देर नहीं लगेगी। बागवानी मिशन योजना के तहत जिले का लक्ष्य तय किया गया है।

आनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। पेड़-पौधों से लेकर घरों-मकानों पर यूनिट की स्थापना की जा सकती है। 3.20 लाख रुपये यूनिट के हिसाब से लागत आएगी। जिसमें 1.28 लाख रुपये अनुदान के रूप में दिया जाएगा।

क्या होगा मौन पालन से लाभ

मधुमक्खी पालन में प्रति बाक्स एक माह में करीब पांच किलो शुद्ध शहद प्राप्त होता है। यानी एक यूनिट से ढाई क्विंटल तक शहद की प्राप्ति हो जाती है। तीन सौ रुपये किलो की दर से भी 75 हजार रुपये का शहद हासिल हो जाता है, जो खेती के साथ अतिरिक्त लाभ के रूप में मिलता है।

मधुमक्खी पालन के लिए आठ-आठ फ्रेम के 50-50 बाक्स की मौन पालन यूनिट लगाने पर प्रति यूनिट की स्थापना पर आने वाले कुल लागत तीन लाख 20 हजार रुपये लाभार्थी को 40 प्रतिशत यानी 1.28 लाख हजार रुपये अनुदान उनके बैंक खाते में दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित है। जिले में दो यूनिट का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। पहले आओ-पहले पाओ के अनुसार किसानों को लाभ दिया जाएगा।

-रणविजय सिंह, जिला उद्यान अधिकारी

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