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आस्तीन में सांप पालने से अच्छा है असली सांप पाल लें! यह नसीहत देते हुए कार्न स्नेक के बच्चे संग खेलता दिखा मेरठ का युवक

By Lokesh Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 13 Sep 2026 01:46 PM (IST)

मेरठ में एक युवक का कार्न स्नेक के बच्चे के साथ खेलते हुए वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)

(प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. मेरठ के युवक का कार्न स्नेक संग खेलते वीडियो वायरल।

  2. पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया, बाद में छोड़ा।

  3. युवक की रिहाई पर पुलिस पर साठगांठ के आरोप ।

जागरण संवाददाता, मेरठ। इंटरनेट मीडिया पर शुक्रवार को एक वीडियो प्रसारित हुआ, जिसमें खुद को इरफान बताने वाला युवक गाना गाता दिखाई दे रहा है। वीडियो में युवक कह रहा है कि आस्तीन में सांप पालने से अच्छा है असली सांप पाल लो। जो सांप वीडियो में युवक के हाथ पर रेंगता दिख रहा है, वह नार्थ अमेरिका में पाए जाने वाले कार्न स्नेक का बच्चा है। जानकारी पुलिस तक पहुंची तो जांच शुरू हुई। लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे कथित इरफान निवासी ऐरा गार्डन कालोनी को हिरासत में ले लिया और थाने ले आई।

कथित इमरान का असली नाम सुलेमान है। बताया जा रहा है कि रात में आश्चर्यजनक रूप से सुलेमान को छोड़ दिया गया। इंटरनेट मीडिया पर शुक्रवार को पहले 39 सेकेंड की एक वीडियो प्रसारित हुई। इसमें एक लाल रंग के सांप के बच्चे संग खुद को इरफान बता रहा युवक खेलता, गाना गाता दिखाई दे रहा है। वीडियो में दिख रहे कार्न स्नेक की कीमत लगभग 35 हजार रुपये तक बताई जाती है। वीडियो की जांच हुई तो पता चला कि वीडियो में नजर आ रहा युवक इरफान नहीं सलमान है और लिसाड़ी रोड की ऐरा गार्डन कालोनी निवासी सुलेमान है।

आरोप लगाया कि वह सुलेमान इरफान के नाम से वन्य जीवों की तस्करी करता है। लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने सुलेमान को हिरासत में ले लिया और थाने ले आई। बताया जा रहा है कि पूछताछ में युवक ने बताया है कि उसने कुछ दिन पूर्व अपने एक दोस्त से सांप खरीदा था। उसने वन्य जीव तस्करी से इन्कार किया। इसके बाद सुलेमान को थाने से छोड़ दिया गया। पुलिस के सुलेमान को छोड़ने पर लोगों ने दो, तीन व 16 सेकेंड की तीन वीडियो इंटरनेट मीडिया पर फिर प्रसारित की।

बताया गया कि लाल कार से आए लिसाड़ी गेट थाने के दारोगा ने आरोपित से सेंटिंग कर उसे छोड़ा है। दारोगा इन वीडियो में आरोपित से कान व कार में बैठकर बात करता दिखाई दे रहा है। सीओ रामप्रकाश ने बताया कि इस मामले में वन विभाग ही जांच के बाद कार्रवाई करेगा। साठगांठ के आरोपों को उन्होंने गलत बताया।