धनतेरस पर किसानों को मिल सकता है बड़ा तोहफा, खाते में आएगी किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त धनतेरस पर आने की उम्मीद है, जिसके लिए अंबेडकरनगर के किसान अपने बैंक खातों और गाटा संख्या की त्रुटियां ठीक करा रहे हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
धनतेरस पर 24वीं किस्त संभावित, किसान त्रुटियां सुधारने में जुटे।
सत्यापन में 3,555 अपात्र किसान मिले, 28 प्रकरण विवादित लंबित।
मृतक, डबल नाम, पति-पत्नी के 35,500 से अधिक नाम हटाए।
संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त नवंबर में धनतेरस पर आने की उम्मीद है। इससे पहले किसान अपने बैंक खातों, गाटा संख्या, नाम परिवर्तन आदि त्रुटियां दूर कराने में जुटे हैं। वहीं, योजना में पंजीकृत करीब तीन लाख 80 हजार किसानों का सत्यापन कराया गया। इसमें तीन हजार 555 अपात्र मिले हैं और 28 प्रकरणों को विवादित के चलते लंबित रखा गया है।
किसानों की आय दोगुणा करने एवं उनको खाद-बीज के इंतजाम में मदद के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना संचालित की जा रही है। इसमें लगातार अपात्रों को बाहर कर सिर्फ पात्रों को लाभ देने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बीते तीन माह में सत्यापन के दौरान 3555 नाम बाहर किए गए हैं।
गत माह आई 23वीं किस्त तीन लाख 80 हजार किसानों को मिली थी। उपकृषि निदेशक डा. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि योजना के शुभारंभ से अब तक 25,000 मृतक, 2300 डबल नाम वाले और 8200 पति-पत्नी का नाम हटाया जा चुका है। अब पति-पत्नी में एक को ही आगामी किस्त का लाभ मिलेगा।
18410 किसानों का नाम परिवर्तित होकर अब हुआ सही
नाम में गड़बड़ी होने संबंधित 22994 किसानों ने आवेदन किया था, इसमें सात अक्टूबर तक 18410 नामों को सही कर दिया गया है। इसी तरह गाटा संख्या में गड़बड़ी होने पर 6767 आवेदनों में 6395 को दुरुस्त किया गया।
बुधवार को 31 किसान पहुंचे दस्तावेज दुरुस्त कराने
योजना के लाभ से वंचित किसान कृषि भवन आकर कमियों का दूर करा रहे हैं। बुधवार को यहां 31 किसान पहुंचे। रामनगर ब्लाक से आए गनपत ने बताया कि पहले निधि मिलती थी, लेकिन चार बार से नहीं मिल रही है। कह रहे हैं कि खाता में नाम बदल गया है।
अकबरपुर के संजरपुर निवासी रामधनी ने बताया कि गाटा संख्या गलत हो गया है, इसे सही कराने आए हैं। औरंगनगर के जगदंबा प्रसाद ने बताया कि दो बार से किस्त नहीं मिली, जांच कराने आए हैं। इसी तरह केदारनगर के दिलीप कुमार, अरियौना की कुसुमलता, कजपुरा के राम प्रताप, बड़ेपुर की मालती देवी सहित 31 किसान समस्याओं को दूर कराने पहुंचे थे।
