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ओला कंपनी स्कूटी लौटाए या 1.02 लाख रुपया, अलीगढ़ में खराब इलेक्ट्रिक स्कूटी पर उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला

By Santosh KumarEdited By: Abhishek Saxena
Published: Sat, 24 Oct 2026 11:24 AM (IST)

जिला उपभोक्ता आयोग ने खराब ओला इलेक्ट्रिक स्कूटी के मामले में कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया है। कंपनी को स्कूटी ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. उपभोक्ता आयोग ने ओला इलेक्ट्रिक के खिलाफ फैसला सुनाया।

  2. कंपनी को खराब स्कूटी बदलनी होगी या पैसे लौटाने होंगे।

  3. मानसिक उत्पीड़न और मुकदमे का खर्च भी देना होगा।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। नई ओला इलेक्ट्रिक स्कूटी में खरीद के दिन से ही खराबी आने और बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया है। आयोग ने ओला इलेक्ट्रिक को स्कूटी बदलने या उसकी कीमत 1,02,505 रुपये वापस करने का आदेश दिया है।

इसके साथ ही कंपनी को वाद दायर करने की तिथि से भुगतान तक 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज, मानसिक उत्पीड़न के लिए 10 हजार रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में पांच हजार रुपये भी देने होंगे।

परिवादी वैभव शर्मा पुत्र देवेंद्र कुमार शर्मा ने 31 दिसंबर 2023 को स्कूटी बुक की थी। इसके बाद उन्होंने 31 जनवरी 2024 को स्कूटी खरीदी। परिवाद के अनुसार, वाहन मिलने के दिन ही पार्किंग लॉक में समस्या आ गई। लॉक लंबे समय तक नहीं खुला और डिग्गी को अनलॉक करने के बाद दोबारा लॉक नहीं किया जा सका। स्कूटी में अन्य तकनीकी समस्याएं भी सामने आईं।

मानसिक उत्पीड़न और मुकदमे के खर्च के रुपये भी देने होंगे 

वैभव ने 31 जनवरी को अलीगढ़ स्थित सेवा केंद्र पर शिकायत दर्ज कराई। एक फरवरी को कंपनी के ईमेल सपोर्ट पर भी शिकायत भेजी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। दो और तीन फरवरी को सेवा केंद्र पहुंचने के बाद भी स्कूटी ठीक नहीं हो सकी। पांच और छह फरवरी को भी वह स्कूटी लेकर कार्यशाला पहुंचे और वाहन वहीं छोड़ दिया। आठ फरवरी को दोबारा कार्यशाला जाने और नौ फरवरी को हेल्पलाइन पर संपर्क करने पर उन्हें पता चला कि शिकायतें बिना समाधान के बंद कर दी गई थीं।

45 दिन में आदेश का पालन करने के निर्देश

कंपनी की ओर से समाधान नहीं मिलने पर वैभव ने अपने अधिवक्ता शिवम सिंह नायक के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर किया। आयोग ने परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी को 45 दिनों के भीतर आदेश का अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं होने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 72 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

अधिवक्ता शिवम सिंह नायक ने बताया कि आयोग ने स्कूटी बदलने अथवा उसकी कीमत ब्याज सहित लौटाने के साथ ही मानसिक उत्पीड़न और मुकदमे के खर्च की भरपाई का भी आदेश दिया है।

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