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जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों के अटके मामले अब होंगे हल, अलीगढ़ में नई व्यवस्था लागू

Published: Wed, 07 Oct 2026 11:39 AM (IST)

अलीगढ़ में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों के लंबित आवेदनों के लिए शासन ने संशोधित व्यवस्था लागू की है। इससे प्रमाणपत्र जारी करने ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. संशोधित व्यवस्था लागू होने से लंबित आवेदन होंगे निस्तारित।

  2. एक वर्ष तक के बच्चों के लिए सीएमओ कार्यालय से प्रक्रिया।

  3. दो वर्ष से अधिक पुराने मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए पिछले कई दिनों से लंबित आवेदनों का रास्ता अब साफ हो गया है। शासन की ओर से जन्म-मृत्यु पंजीकरण की संशोधित व्यवस्था जिले में लागू कर दी गई है। इसके तहत अलग-अलग अवधि से लंबित मामलों के लिए अलग प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इससे प्रमाणपत्र जारी होने में आ रही दिक्कतें दूर होंगी और लंबित आवेदनों का निस्तारण शुरू हो सकेगा।

नई व्यवस्था के तहत एक वर्ष तक की आयु के बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र के लिए अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय व संबंधित निकाय स्तर से ही प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। वहीं एक से दो वर्ष के बीच के लंबित पंजीकरण में संबंधित उपजिलाधिकारी (एसडीएम) या अपर नगर मजिस्ट्रेट (एसीएम) की रिपोर्ट आवश्यक होगी।

एक से दो वर्ष के बीच के पंजीकरण के लिए एसडीएम व एसीएम की लगेगी रिपोर्ट

दो वर्ष से अधिक पुराने मामलों में प्रक्रिया और कठिन होगी। ऐसे मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट से आदेश जारी होने के बाद ही जन्म पंजीकरण कराया जा सकेगा। इसी तरह विलंबित मृत्यु पंजीकरण के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया और सक्षम अधिकारी की अनुमति जरूरी होगी।

लंबे समय से अटके आवेदनों का होगा निस्तारण

नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिले में लंबित पड़े जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदनों पर अब कार्रवाई शुरू हो सकेगी। पिछले दिनों स्पष्ट प्रक्रिया न होने के कारण कई आवेदन अधिकारियों के स्तर पर लंबित थे। शासन के निर्देश मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को संशोधित व्यवस्था के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।

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